कोई करिश्मा तुझमें है

ऐसा क्यूं है कि जो खोया था कभी उसका अक्स तुझमें है,
ये मुहब्बत की आदत मेरी है या कोई करिश्मा तुझमें है…
-सन्नी कुमार
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क्या इंसान भी फलों सा होता है?
जो बाहर से ज्यादा मीठा वो अंदर से सड़ा होता है??
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तुम याद आती हो अब भी रोज़, पर फिर मैं भुला देता हूँ,
दिल चाहता है तुमसे रूबरू होना, पर हसरतों को दिल में दबा देता हूँ,
आज भी उलझता हूँ, उन रूठे ख्वाबों को सहेजने में,
पर अब हकीकत की खुशी है इतनी,
कि जिन्दगी को कर शुक्रिया, बस मुस्कुरा देता हूं…
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क्यूं संवरती हो उस आईना को देखकर,
संवरा करो तुम इन आँखों में झांककर,
आइना जिससे मिले उसी का हो जाता है,
और ये आँखें है जो सिर्फ तुमको बसाता है..

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रूठे हुए थे जो ख्वाब

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रूठे हुए थे जो ख्वाब कल तक, आज फिर से जगा रहे,
छोड़ गए थे जो लम्हें साथ, आज वापिस बुला रहे…….

Ruthe huye the jo khwab kal tak, aaj phir se jga rhe,
Chhod gye the jo lamhein sath, aaj wapis bulaa rahe…

Dreams, which were sulked before, are awakening me again…
Moments, which were left me before, are calling me again….

-sunny kumar

है इसका क्यूँ कहीं कोई जिक्र नहीं..

करो तुम लाख अब नफरत हमसे, हमें इसकी है कोई फिक्र नहीं.
पर निभाया हो तुमने किसी से मुहब्बत, है इसका क्यूँ कहीं कोई जिक्र नहीं..
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karo tum lakh ab nafrat humse, humein iski ab koi fiqra nahi..
par nibhaya ho tumne kisi se muhabbat, hai iska kyun kahin koi jikra nahi..

जो हमसे रूठ बैठे है..

तारीफों के हकदार वो, क्यूँ हमसे दूर बैठे है,
शाम हुयी आज फिर जवां उनकी याद में,
जो हमसे रूठ बैठे है..

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कुछ पुराने दोहे..

ढूंढ लाते हम उनको गर वो खो जाते,
पर बदले लोगों को ढूंढना नही आता..

ग़म भी है और ख़ुशी भी,
पर वो साथ नहीं,
और वो हम नहीं..

कहते है किसी के चले जाने से जिंदगी ख़त्म नहीं होती,
पर क्या साँसों का चलना भर ही जिंदगी है?
—————————————–
वो लोग, जो कल तक हमारे लिये दुआएं करते थे,
वही आज तुम्हें भुलाने की सलाह देते है..
—————————————–
हर ख्वाब पूरा नहीं होता,
पर ख्वाब में कुछ भी अधुरा नहीं होता..
—————————————–
मिले फिर वही जो कल भी मिले थे,
पर मिलें इस कदर कि वो बिलकुल नए थे..
—————————————–
घुटता है दिल, कुछ कह भी नहीं पाता,
छोड़ गया मेरा कल, आज अब हंस भी नहीं पाता..
————————————————–
क्या हस्ती है तुम्हारी..
मुहब्बत हम कर नहीं सकते और नफरत तुम करने नहीं देती..
————————————————–
अब और नहीं तड़पाओ,
अब और न हमको सताओ,
मै दूर तुमसे चला जाऊं,
आखिरी बार तो मिलने आओ.
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-सन्नी कुमार

 

पर बदले लोगों को ढूंढा नही जाता

खोज लाते हम उनको गर वो खो जाते,
पर बदले लोगों को ढूंढा नही जाता..

साभार- गूगल
साभार- गूगल

[I can find her if she lost,
but how to find who changed..]

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ग़म भी है और ख़ुशी भी,
पर वो साथ नहीं,
और वो हम नहीं..

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कुछ पुराने दोहे..

कहते है किसी के चले जाने से जिंदगी ख़त्म नहीं होती,
पर क्या साँसों का चलना भर ही जिंदगी है?
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वो लोग, जो कल तक हमारे लिये दुआएं करते थे,
वही आज तुम्हें भुलाने की सलाह देते है..
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हर ख्वाब पूरा नहीं होता,
पर ख्वाब में कुछ भी अधुरा नहीं होता..
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मिले फिर वही जो कल भी मिले थे,
पर मिलें इस कदर कि वो बिलकुल नए थे..
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घुटता है दिल, कुछ कह भी नहीं पाता,
छोड़ गया मेरा कल, आज अब हंस भी नहीं पाता..
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क्या हस्ती है तुम्हारी..
मुहब्बत हम कर नहीं सकते और नफरत तुम करने नहीं देती..
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अब और नहीं तड़पाओ,
अब और न हमको सताओ,
मै दूर तुमसे चला जाऊं,
आखिरी बार तो मिलने आओ.
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-सन्नी कुमार

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