शुक्रिया अठरह तेरा

शुक्रिया अठरह तेरा

शुक्रिया अठरह तेरा,
हर रंग के लिए..

फरवरी के प्यार,
मई की मार के लिए,
सीखाया तुमने जब खुद को बेचना,
उस जून की रोटी के लिए,
धो चुका जो कड़वी यादें,
उस जुलाई के लिए,
शुक्रिया अठरह तेरा,
हर सांस के लिए….

है खिले कई फूल जिसमें,
उस बाग के लिए,
हो गए जो अजनबी अपने,
उन सब सपनों के लिए,
दे रहे जो साथ मेरा,
उन यारों के लिए,
शुक्रिया अठरह तेरा,
हर रंग के लिए…

थी तलब जिस भाव की,
उस अगस्त एहसास के लिए,
पहचाना जिसने मेरा हुनर,
उस सितम्बर के लिए,
जीतना सिखलाया जिसने,
उस अक्टूबर के लिए,
शुक्रिया अठरह तेरा,
हर प्यार के लिए…

हो चुका मैं पार जिनसे,
उन सब बाधाओं के लिए,
नए विचारों का जब हुआ समागम,
उस नवम्बर के लिए,
हर बार जो सिखाती है जिदंगी,
उस दिसम्बर के लिए,
शुक्रिया अठरह तेरा,
हर प्यार के लिए….

थी तलब जिस भाव की,
उस इक़रार के लिए,
गया सराहा जब भी मैं,
हर उस दुलार के लिए,
हूँ खिला जिस प्यार से,
उस परिवार के लिए,
शुक्रिया अठरह तेरा,
हर उपहार के लिए…
©सन्नी कुमार

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भारत में डर लगता है!

नसीरुद्दीन साहब, आमिर खान या इन जैसे हाई प्रोफाइल लोगों के द्वारा भारत मे डर लगने वाला बयान आता है और हम जैसे महामूर्ख उनको गालियां देने लगते है और ये अपने मकसद में कामयाब होते है…आप पूछ रहे होंगे की ये मकसद क्या है? तो जानिए इनका मकसद होता है देश के दूसरों मुद्दों से आपका ध्यान भटकाना.. क्या बीता हफ्ता राफेल पर आए कोर्ट के निर्णय पर होने का नहीं था? क्या सज्जन कुमार को मिली उम्रकैद इसपर चर्चा होने का नहीं था? और जब इन दोनों मुद्दों पर चर्चा होती तो किसका नुकसान होता, तो साहब ये महाधूर्त फिल्मी नचनिये आपको ऐसे ही भरमायेंगे…वरना किसको नही मालूम कि दुनिया में अल्पसंख्यकों के लिए सबसे फ्रेंडली मुल्क भारत है, यहाँ आकर पारसियों और यहूदियों को जो मिला वो उनको अपने मुल्क में भी न हासिल हुआ…वैसे डेटा देखिये की मुल्क के बंटवारे के वक्त भारत मे 8% अल्पसंख्यक थे और पाकिस्तान में 28%, हमारे यहां आज 20% से अधिक अल्पसंख्यक है और पाक में 2%.. खैर मैं पाक जैसे पिद्दी मुल्क से भारत का तुलना नहीं करता पर आपको बताना जरूरी है क्योंकि आपलोग बिना कुछ जाने भी राय बनाते है, कुछ कमीने तो मोदी विरोध मे मुल्क का ही विरोध करने लगे है..
अच्छा एक बात उन कांग्रेसी लोगों से की जिस तर्क और नाथूराम के कारण आप आरएसएस का विरोध करते है क्या वही तर्क लागू कर सज्जन कुमार के कारण पूरे मुल्क से कांग्रेस को बैन करने का मांग नहीं होना चाहिए? जिस राफेल का रायता आपके जमानत पर छूटे राहुल ने फैलाया है क्या उस पोगो लवर को माफ़ी न मांगनी चाहिए..
नसीर साहब हम आपको पाकिस्तान जाने नहीं बोलेंगे उधर के नचनिये तो यहां नाचते है पर दुनिया बड़ी है, ढूढे जगह या इस भारत से प्यार करे इतना भी मुश्किल नहीं है..
जय हिंद
सन्नी कुमार

राष्ट्रीय किसान दिवस | National Farmer’s Day

बेशक आप टेक्नोक्रैट है, एजुकेशनलिस्ट है, मैनेजमेंट वाले है, एंटरप्रेन्योर है या छात्र है पर हम और आप है क्योंकि ‘कोई किसान’ है। अतः आप सबको भी राष्ट्रीय किसान दिवस (National Farmers Day) की शुभकामनाएं। आज पूर्व प्रधानमंत्री और किसान रहे चौधरी चरण सिंह जी की जयंती है जिसे पूरा फेश राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में मना रहा है।
Happy #Farmer’s_Day

चुनावी नारों तक ही सिमटा रह जाता है,
क्यूं हक़ किसान का..
बहस-बातें खूब होती है
कर्ज माफी का ऐलान भी होता है,
फिर भी नहीं बदलता,
क्यूं तस्वीर किसान का..?

वो जिसके मेहनत से सबका पेट भरता है,
वही अन्नदाता क्यों अक्सर खाली पेट सोता है?

उसकी हर फसल, हर मेहनत का,
क्यों हश्र एक होता है,
बाढ में, सुखाड़ में,
हर मौसम की मार में,
क्यों वो अकेले,
उम्मीदें बांधे सिसकता है,
और जब फसल हो बढ़िया,
क्यों बाज़ार कौड़ियों के भाव उससे खरीदता है?

सरकार खूब देती है आश्वासन,
विपक्ष बस शोर मचाता है,
पर ७० सालो से देश के ‘हल्कू’ को,
क्यों उसके मेहनत का मोल नहीं मिलता है?

खेती छोड़ चुका युवा,
उनको ये घाटे का सौदा लगता है,
गलती उनकी भी नहीं कि उनको,
किताबों मे खेती सौदा है, मौसमी जुआ है,
यही तो पढाया जाता है,
और फिर खेती का साहस युवा करे भी कैसे,
कि उसको विदर्भ के किसानों का हाल जो दहलाता है।

70 सालों से, देश के हर नारों में,
चर्चा किसानों का होता हर चौराहों पर,
संसद हो, सड़क हो, या कोई सम्मेलन
सिर्फ बातें ही होती है,
वायदे ही होते है,
पर किसान के समर्थन में क्यों कोई नीति नहीं बनता?

हर रोज नया नारा आता है,
किसानों के नाम से करने कोई तमाशा आता है,
जिसको गेंहू और जौ का फर्क भी न मालूम,
वो भी किसानों की काया पलटने का स्वांग रचाता है,
भाषण होती है, बड़े-बड़े लेख लिखे जाते है,
फिर भी क्यों, न तकदीर बदलती है,
न तस्वीर किसान का?
-सन्नी कुमार ‘अद्विक’ (किसान पुत्र)
https://sunnymca.wordpress.com/2017/07/16/kisan/

How to get saved passwords in Firefox?

To get saved passwords in Firefox, follow these easy steps:
1st Step:- Click the menu button and select options
2nd Step:- Now preferences is selected and you need to select Privacy and Accuracy
3rd Step:- Now in Forms and Passwords click on Saved logins
4th Step:- Now the choice is yours if you want just see passwords you can make them visible from the list or/and you can export it. (Screenshots provided for reference)

How to copy the password from Firefox

How to copy the password from Firefox1

How to copy the password from Firefox2

How to copy the password from Google Chrome

Hello Everyone,
Today one of my students asked me a simple question that how can he get the password from Google Chrome. His situation was like he used to login on his Salesforce account from his PC and he made the password to be remembered by the browser. Now when he forgets the password he is not able to login it from other devices?
So if you also face such cases then you don’t need to worry and can export your password from the browser. Here is How…
1st Step:- Click the Chrome menu in the toolbar and choose Settings.
2nd Step:- Type Password in search settings
3rd Step:- Either you make the password visible for the desired account or you export all the passwords, the choice is yours.
Below are the images for your reference. Thank You
How to copy the password from Google ChromeHow to copy the password from Google Chrome2How to copy the password from Google Chrome3

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