कृष्णा जी, भेजो न उसको आज

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कृष्णा जी, भेजो न उसको आज,
की पूछ लूँ कैसी है वो,
किस हाल में है..
मैं भूल रहा हूँ उसको,
क्या वो भी भूल गयी है हमको..

कृष्णा जी, भेजो न उसको आज,
की उससे आज फिर मैं दुहराऊं,
वो बिलकुल मुझसी है, मेरे ख्वाबों सी है,
उससे कहना, उसकी सुनना,
उसमे फना होने की हसरत,
अब भी मुझमे है.

कृष्णा जी, भेजो न उसको आज,
की उससे थोडा लाड दीखाना है,
थोडा प्यार जताना है.
जाने कितनी होगी खाली वो,
की उसमे थोडा रंग भी भरना है..

कृष्णा जी, भेजो न उसको आज,
की उसको मनाना है और उससे कहना है,
की उससे प्यार नहीं, वो ही प्यार है,
उससे ख्वाब नहीं, वो ही ख्वाब है,
उसकी बातें नहीं अब वो ही बात है..

कृष्णा जी, भेजो न उसको आज,
की उससे मिलके हंसना है,
थोडा कल पे भी रोना है,
हूँ जिन्दा अब भी,
मुझे ये बतलाना है..

कृष्णा जी, भेजो न उसको आज,
की आज मुझे फिर दो पल जीना है…

-सन्नी कुमार

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Krishna Jee, Bhejo na usko aaj,
ki puchh lu kaisi hai wo,
kis haal mein hai,
mai bhul rahaa hun usko,
kya wo bhi bhul gayee hai humko..

Krishna Jee, Bhejo na usko aaj,
ki usase aaj phir mai duhraaun,
wo bilkul mujhsi hai, mere khwabon si hai,
usase kahna, uski sunanaa,
usme fanaa hone ki hasrat,
ab bhi mujhmein hai..

Krishna Jee, Bhejo na usko aaj,
ki usase thoda laad dikhaana hai,
thoda pyar jataana hai,
jaane kitni hogi khaali wo,
ki usme thoda rang bhi bharna hai…

Krishna Jee, Bhejo na usko aaj,
ki usko manaana hai aur usase kahna hai,
ki usase pyar nahi, wo hi pyar hai,
usase khwab nahi, wo hi khwab hai,
uski baatein nahi, ab wo hi baat hai…

Krishna Jee, Bhejo na usko aaj,
ki usase milke hansna hai,
thoda kal pe bhi rona hai,
hun jinda ab bhi,
mujhe ye batlaana hai..

Krishna Jee, Bhejo na usko aaj,
ki mujhe aaj phir do pal jeena hai..

कुछ यादों का है कर्ज

wpid-img_20150215_024107.jpgAccount of A Lover. Dedicated to all unlucky lovers who are living with memories..

कुछ यादों का है कर्ज,
कुछ वायदें उधार है,
कुछ  बेमेल हसरतें भी दर्ज,
कुछ खो गए ख्याल है,
कुछ लम्हों का लिखा हिसाब,
जहाँ हर लम्हा, बेहिसाब है।।

कुछ शर्तों का भी उल्लेख,
कुछ उम्मीदों के अवशेष,
कुछ मर्यादाओं के जिक्र,
कुछ कल को लेकर फिक्र,
कुछ सपनों का बुना जहाज,
जहाँ खुशियाँ अथाह है।।

कुछ प्यार के है पैगाम,
कुछ हो गए लम्हें बेलगाम,
कुछ तारीफों के फूल,
कुछ छोटी छोटी भूल,
कुछ भरोसे से होता भोर,
जहाँ उमंगें असीम है।

कुछ लालसाओं के चादर,
कुछ अलग अलग सी बात,
कुछ दायित्वों के बोध,
कुछ में औरों के भी बोझ,
कुछ अलग हो रही मंजिल,
जहाँ टूटे सब ख्वाब है|
-सन्नी कुमार

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Kuchh yadon ka hai karj,
kuchh vaydein udhar hai,
kuchh bemel hasratein bhi darj,
kuchh kho gaye khyaal hai,
kuchh lamhon ka likha hisaab,
jahan har lamhan behisaab hai….

kuchh sharton ka bhi ullekh,
kchh ummidon ke awshesh,
kuchh maryadaon ke jikra,
kuchh kal ko lekar phikra,
kuchh sapno ka buna jahaaj,
jahan khushiyan athaah hai…

kuchh pyar ke hai paigaam,
kuchh ho gaye lamhein belagaam,
kuchh tarifon ke phul,
kuchh chhoti chhoti bhool,
kuchh bharose se hota bhor,
Jahan khushiya athaah hai…

Kuchh laalsaon ke chaadar,
kuchh alag alag si baat,
kuchh dayitvon ke bodh,
kuchh mein auron ke bhi bojh,
kuchh alag ho rahi manjil,
jahan toote sab khwab hai.
-sunny kumar

बड़ी खूब थी वो..

wpid-img_20150209_175820.jpgबड़ी खूब है वो,
जो मिली तो दो पल में जिन्दगी दे गयी,
जो बिछड़ी दो जिन्दगी दे गयी।।
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कुछ पुराने दोहे..
तारीफों के हकदार वो जो हमसे दूर बैठे है,
शाम हुयी आज फिर जवां उनकी याद में,
जो हमसे रूठ बैठे है..
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ढूंढ लाते हम उनको गर वो खो जाते,
पर बदले लोगों को ढूंढना नही आता..
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ग़म भी है और ख़ुशी भी,
पर वो साथ नहीं,
और वो हम नहीं..
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कहते है किसी के चले जाने से जिंदगी ख़त्म नहीं होती,
पर क्या साँसों का चलना भर ही जिंदगी है?
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वो लोग, जो कल तक हमारे लिये दुआएं करते थे,
वही आज तुम्हें भुलाने की सलाह देते है..
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हर ख्वाब पूरा नहीं होता,
पर ख्वाब में कुछ भी अधुरा नहीं होता..
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मिले फिर वही जो कल भी मिले थे,
पर मिलें इस कदर कि वो बिलकुल नए थे..
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घुटता है दिल, कुछ कह भी नहीं पाता,
छोड़ गया मेरा कल, आज अब हंस भी नहीं पाता..
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क्या हस्ती है तुम्हारी..
मुहब्बत हम कर नहीं सकते और नफरत तुम करने नहीं देती..
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अब और नहीं तड़पाओ,
अब और न हमको सताओ,
मै दूर तुमसे चला जाऊं,
आखिरी बार तो मिलने आओ.
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-सन्नी कुमार

ऐ हवा तू खुद में उसकी महक समेट ला..

Lonely1ऐ हवा तू  खुद में उसकी महक समेट ला,
वो निकली जो होगी संवर के, तू उसकी आहट समेट ला..
कर तू मुझपे एहसान आज, मिलके उसके पास से आ,
कि रूठी जिंदगी मुझसे है यार, कुछ साँसे उससे उधार ला..
ऐ हवा तू  खुद में उसकी महक समेट ला..

मुझे आदत सी हो गयी है उसकी,
तू उसको खुद में बसा के ला..
जो न करेगा तू इतना,
तू भी भुला दे मुझको जा..
ऐ हवा तू  खुद में उसकी महक समेट ला..

कि बिन उसके कुछ भी मंज़ूर नहीं,
कि कोई खबर तो उसकी ला,
साँसे थक गयी है मेरी,
तू उसकी छुअन तो ले के आ..
ऐ हवा तू  खुद में उसकी महक समेट ला…!!!

images (1)वो छुपी न जाने क्यूँ हमसे,
शायद मिलने भी आज न आये वो,
चलें मेरी साँसे इन्तेजार में उसके,
ऐ हवा तू उसको खुद में बसा के ला..

उससे दूरी है दिल को मंजूर नहीं,
कहीं बोझिल साँसों से धड़कन थम ना जाये,
मै मिलूँ उससे, कर पाऊं उसका इन्तेजार,
ए हवा तू खुद में उसकी छुअन तो ला..

ऐ हवा तू खुद में उसकी महक समेट ला,
वो निकली जो होगी संवर के, तू उसकी आहट समेट ला..
कर तू मुझपे एहसान आज, मिलके उसके पास से आ,
कि रूठी जिंदगी मुझसे है यार, कुछ साँसे उससे उधार ला..
ऐ हवा तू खुद में उसकी महक समेट ला….

– सन्नी कुमार

हर लब्ज में नाम तुम्हारा है..

Luv3
सुबह की ओस में मैंने, तेरी छुअन को पाया है,
शाम रंगीन आसमा में तेरी हलचल ही देखी है,
इस रात की चांदनी तुम, तुमने ही इसे महकाया है,
जब भी हुयी है ये आँखें बंद, इसने सपना तेरा ही सजाया है।
तेरी नाराजगी में मैंने खुद को महफूज़ पाया है,
तेरी खुशियों में मैंने खुद को ही अब पाया है,
जब भी सुनी है हमने, धुन तेरे धड़कन की,
उसने भी मेरे सुर से ही अपना धुन मिलाया है।
खुशियाँ जो भी मेरी है, अब इनमें नाम तुम्हारा है,
चाहत दिल में जो भी है, अब इनपे हक तुम्हारा है,
जिंदगी कल की देखि नहीं मैंने , पर मेरा हर आज तुम्हारा है,
आँखों का इन्तेजार, नींदों में ख्वाब, हर लब्ज में नाम तुम्हारा है।

– सन्नी कुमार