कुछ यादों का है कर्ज

wpid-img_20150215_024107.jpgAccount of A Lover. Dedicated to all unlucky lovers who are living with memories..

कुछ यादों का है कर्ज,
कुछ वायदें उधार है,
कुछ  बेमेल हसरतें भी दर्ज,
कुछ खो गए ख्याल है,
कुछ लम्हों का लिखा हिसाब,
जहाँ हर लम्हा, बेहिसाब है।।

कुछ शर्तों का भी उल्लेख,
कुछ उम्मीदों के अवशेष,
कुछ मर्यादाओं के जिक्र,
कुछ कल को लेकर फिक्र,
कुछ सपनों का बुना जहाज,
जहाँ खुशियाँ अथाह है।।

कुछ प्यार के है पैगाम,
कुछ हो गए लम्हें बेलगाम,
कुछ तारीफों के फूल,
कुछ छोटी छोटी भूल,
कुछ भरोसे से होता भोर,
जहाँ उमंगें असीम है।

कुछ लालसाओं के चादर,
कुछ अलग अलग सी बात,
कुछ दायित्वों के बोध,
कुछ में औरों के भी बोझ,
कुछ अलग हो रही मंजिल,
जहाँ टूटे सब ख्वाब है|
-सन्नी कुमार

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Kuchh yadon ka hai karj,
kuchh vaydein udhar hai,
kuchh bemel hasratein bhi darj,
kuchh kho gaye khyaal hai,
kuchh lamhon ka likha hisaab,
jahan har lamhan behisaab hai….

kuchh sharton ka bhi ullekh,
kchh ummidon ke awshesh,
kuchh maryadaon ke jikra,
kuchh kal ko lekar phikra,
kuchh sapno ka buna jahaaj,
jahan khushiyan athaah hai…

kuchh pyar ke hai paigaam,
kuchh ho gaye lamhein belagaam,
kuchh tarifon ke phul,
kuchh chhoti chhoti bhool,
kuchh bharose se hota bhor,
Jahan khushiya athaah hai…

Kuchh laalsaon ke chaadar,
kuchh alag alag si baat,
kuchh dayitvon ke bodh,
kuchh mein auron ke bhi bojh,
kuchh alag ho rahi manjil,
jahan toote sab khwab hai.
-sunny kumar

बड़ी खूब थी वो..

wpid-img_20150209_175820.jpgबड़ी खूब है वो,
जो मिली तो दो पल में जिन्दगी दे गयी,
जो बिछड़ी दो जिन्दगी दे गयी।।
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कुछ पुराने दोहे..
तारीफों के हकदार वो जो हमसे दूर बैठे है,
शाम हुयी आज फिर जवां उनकी याद में,
जो हमसे रूठ बैठे है..
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ढूंढ लाते हम उनको गर वो खो जाते,
पर बदले लोगों को ढूंढना नही आता..
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ग़म भी है और ख़ुशी भी,
पर वो साथ नहीं,
और वो हम नहीं..
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कहते है किसी के चले जाने से जिंदगी ख़त्म नहीं होती,
पर क्या साँसों का चलना भर ही जिंदगी है?
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वो लोग, जो कल तक हमारे लिये दुआएं करते थे,
वही आज तुम्हें भुलाने की सलाह देते है..
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हर ख्वाब पूरा नहीं होता,
पर ख्वाब में कुछ भी अधुरा नहीं होता..
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मिले फिर वही जो कल भी मिले थे,
पर मिलें इस कदर कि वो बिलकुल नए थे..
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घुटता है दिल, कुछ कह भी नहीं पाता,
छोड़ गया मेरा कल, आज अब हंस भी नहीं पाता..
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क्या हस्ती है तुम्हारी..
मुहब्बत हम कर नहीं सकते और नफरत तुम करने नहीं देती..
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अब और नहीं तड़पाओ,
अब और न हमको सताओ,
मै दूर तुमसे चला जाऊं,
आखिरी बार तो मिलने आओ.
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-सन्नी कुमार

बदले लोगों को ढूंढना नही आता

life iz amazingढूंढ लाते हम उनको गर वो खो जाते,
पर बदले लोगों को ढूंढना नही आता..
दिल हो गर मायूश तो मना भी लें,
पर टूटे दिल को मनाना नही आता…

आज फिर बीत गया ‘कल की यादों’ में,
पर गुजरे लम्हों में रुकना नही आता…
वो सारे पल जो बीते, खुशनसीबी के थे,
पर बीते पलों को फिर से जीना नहीं आता..

वो कोरे सारे ख्वाब जो टूटे थे कल,
उनको आंसुओं से धोना नही आता.
दिल माफ़ करे अब उनको न याद करें,
पर दिल पर जोर करना भी हमको नहीं आता..

-सन्नी कुमार

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Dhundh Laate hum unko gar wo kho jaate,
par badle logo ko dhundhna nahin aata.
dil ho gar mayus to manaa bhi lein,
par toote dil ko manaana nhi aata…

Aaj phir beet gayaa ‘kal ki hi yaadon’ mein,
par gujhre lamhon mein rukna nahi aata,
wo saare pal jo beete khushnaseebi ke the,
par beete palon ko phir se jeena nahi aata..

wo kode saare khwab jo toote the kal,
unko aansuon se dhona nahin aata,
dil maaf karein unko na ab yaad karein,
par dil par jod karna bhi humko nahi aata..

Muhabbat karke jaana hai….!

Love Makes Life Beautiful

Love Makes Life Beautiful

मुहब्बत करके जाना है..!

नदियां निश्छल दीवानी होती है,
जिन्हें सागर से मिलने कि बेचैनी होती है।
फूलों कि ख्वाहिश में भवरें,
मदहोश मदमस्त गाने गाते है।
और क्यूँ चांदनी रात में,
चकोर चंदा से शरमाते है।

मुहब्बत करके जाना है..!

हर सीनें में दिल होता है,
जिनको दिलबर की हसरत होती है।
नजरें लाख छुपाएं,
इनमें सनम का इन्तेजार होता है।
और उठते है वो हाथ दुआओं के लिए,
सीनें में जिनके मुहब्बत होता है।

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Muhabbat karke jaana hai….!

Nadiyan, nischhal deewani hoti hai,
Jinhein Saagar se milane ki bechaini hoti hai..
Phulon ki khwahish mein bhanwarein,
madhosh, madmast gaane gate hai..
aur kyun chandni raat mein,
chakor chanda se sharmate hai…

Muhabbat karke jaana hai….!
Har seene mein dil hota hai,
Jinko dilbar ki hasrat hoti hai..
Najrein laakh chhupayein,
Inmein sanam ka intejaar hota hai..
Aur uthate hai wo haath duaaon ke liye,
Seene mein jinke muhabat hota hai..

हाँ ख्वाब से हसीं कुछ और नहीं..

Priyeeeeeवो कहती है खुबसूरत तो नजरें होती है,
चेहरा नहीं..
मै कहता हूँ खुबसूरत ख्वाब होती है,
नजरें नहीं..
वो कहती है ख्वाब तो बस झूठ है,
सच नहीं..
मै कहता हूँ ख्वाब झूठ भी है,
और सच भी..
वो कहती है हकीकत से हसीं,
कुछ और नहीं..
मै कहता हूँ दुनिया ख्वाब की दीवानी है,
और इससे हसीं कुछ और नहीं..
हाँ ख्वाब से हसीं कुछ और नहीं..!!

काश

Lonely 2काश मेरे हकीकत व ख्वाब में भी प्यार होता,
साथ जीने का इनमें भी करार होता..
तन्हा होकर उलझता नहीं फ़िर मै,
काश मेरा कल, आज भी साथ होता है..

कल शाम मिली थी वो…

janebaharकल शाम मिली थी वो
थी थोड़ी सकुचाई,
थोड़ी शर्माई,
पुछा जब हमने,
कारण उन्होंने अपनी व्यस्तता बताई।
वो दिखी जो परेशान,
उनसे कहा था हमने,
मत दो ध्यान, ए जानेबहार,
ये गुल कर लेगा, थोडा और इन्तेजार।।

वो हुयी थोड़ी सहज,
थोड़ी मुस्काई भी थी,
लाल भाव से चेहरा,
वो बेताब सी थी।
टोका उन्होंने, कहा,
बातें अच्छी करते हो आप,
कि सुनाओ कुछ ऐसा,
मै छू लूं आसमान।।

मुझे आता ही क्या है,
बस उनकी तारीफ़,
हम लगे तब पढने,
जो भी भाव थे उनके।
कहा हमने उनसे,
वो ग़ज़ल की पूरी किताब है,
अब पढूं मै कौन कलाम,
अब ये वो ही बताये।।

उन्होंने इशारों में कहा,
जो भी नाचीज फरमाए,
पूछा फिर हमने उनसे,
कि तुम्हारे नैनों में जो लिखा है,
कि जो ये होठ कहने को बेताब,
कि जो गूंजती है तेरे कानो में,
कि जो धड़कन तेरे गाये,
बोलो पढू कौन फज़ल,
की ये गुल कौन सा नगमा गाये।।

वो वापस सकुचाई,
थोड़ी शर्माई,
नजरें मिलाके,
थोडा मुस्कुरा के,
सिमटी मेरी बांहों में,
बोली आज तुम अपनी धड़कन सुनाओ,
हमारी धुन को मिलवाओ,
जो भी है प्यास उनको, आज पूरी कर जाओ।।

गिर गए तब हम प्यार में,
फिर संभलना कहाँ था,
खो गए उनकी आँखों में,
फिर मिलना कहाँ था।
क्या बात, क्या दुनिया,
कुछ भी याद न रहा,
हम लिपटे रहे कब तक,
कुछ ध्यान न रहा।।

उनके दिल की धड़कन को,
महसूस तब की थी,
है कितना प्यार हम में,
उस तड़प में देखी थी।
उनकी धड़कन तब बिलकुल,
मेरे धुन गा रही थी,
क्यूँ होता है हर पल में इन्तेजार,
उस शाम बयां हुयी थी।।

हाल हमारा एक सा ही,
जो दूर होते है,
ढेरों बातें होती है,
और जब साथ होतें है,
ये धड़कन, ये साँसे,
ये आँखें बोलती है,
और तब होठ हमारा,
बिलकुल सहमा होता है।।

है एक सच ये भी,
की जो धड़कन गाती है,
जो नजरें सुनाये,
साँसों में जो एहसास है,
वो ये लब कहाँ से लाये।
शायद उनको भी ये मालूम है,
जो सुनती मिलके, है धड़कन वो,
करके होठों को खामोश,
कहती है हर बात, नजरों से वो।।

उस शाम यही हुआ था,
बातें शुरू होते ख़तम थी,
और हम आँखों में उलझकर,
कहीं और खो गए थे।
बातों को छोड़कर हम,
धडकनों को सुन रहे थे,
साँसों से मिला सांस हम,
एहसास जता रहे थे।।

कुछ भी न था कहने को,
सुनना भी नहीं था कुछ,
हम नजरों में डूब कर तब,
एक दूजे में खो गए थे।
क्या थी बेकरारी,
क्यूँ थे मिलने को बेचैन,
आया समझ उस शाम,
हमें उस एहसास को जीना था।

-सन्नी कुमार