एडवेंचर टू चेंज । परहित में आनन्द

आज इस दशक के पहले दिन काफ़ी सकारात्मक महसूस कर रहा हूँ, यह दशक भारत और भारतीयों का होने वाला है ऐसा पूर्ण विश्वास है और इसके लिए एड़ी-चोटी का प्रयास भी रहेगा।।

दोस्तों बचपन में एक कहानी पढ़ी थी जिसमें एक लेखक हर सुबह समुद्र किनारे एकांत में खुद से बाते करने जाता था, एक रोज जब वह समुद्रतट पर टहल रहा होता है तो उसे दूर एक व्यक्ति पर नजर पड़ती है जो ऐसा लगता है मानो कोई नृत्य कर रहा हो, जिज्ञासा वश उसकी हरक़त को नजदीक से देखने पहुंचता है तो पाता है कि वह व्यक्ति स्टारफिश को पानी में उठा उठाकर फेंक रहा है, इस पर उस लेखक ने उस व्यक्ति से पूछा कि भाई आप ऐसा क्यों कर रहे है तब उस व्यक्ति ने कहा कि जल्दी ही धूप तेज होगी और फिर ये स्टारफिश यहीं बालू पर गर्म होकर मर जायेंगे इसलिए इन्हें वापिस पानी में भेजकर इनकी जान बचा रहा हूँ। लेखक ने फिर उससे पूछा कि समुद्र मिलों-मिल तक फैला है, तुम इतने मछलियों को कैसे बचाओगे, क्या डिफरेंस ला पाओगे? तभी उस नौजवान ने एक स्टारफिश लेकर पानी में उछाल दिया और कहा कि मैंने उसके जीवन में डिफरेंस ला दिया है..यह सुनते ही उस व्यक्ति ने एक रोमांच का अनुभव किया और दोनों कुछ देर तक स्टारफिश को पानी मे फेंकते रहे…..

दोस्तों यब कहानी सिर्फ पढ़ने में आनन्द नहीं आएगा बल्कि इससे प्रेरणा लेने में, इसको जीने में आनन्द आएगा और यही आनन्द कल हमारी Creacting India की टीम को मिला और यह सम्भव हो पाया उन सभी स्नेही-भावुक परहित का ध्यान रखने वाले मित्रों के कारण जिनकी मदद से कल जब दुनिया एक नए दशक के स्वागत में झूम रही थी तब हमारी टीम आपकी मदद से जो भी सम्भव हो पाया उस प्रेम को लेकर, हमने एक नेक कोशिश बोधगया के उन असहाय लोगों के बीच में की जो इस सर्द में भी फुटपाथ पर जीने को विवश है। दोस्तों कल फिर हमारा जीवन धन्य हुआ जो हम कुछ चेहरों पर कुछ पलों का ही सही, मुस्कान लेकर आ पाए।
दोस्तों, कल का अनुभव वास्तव में बहुत भाड़ी रहा, सड़कों पर जीने को मजबूर लोगों में कुछ समय के सताए है, तो कुछ कुसंस्कारों के कारण भी अभागे हुए है, कुछ ऐसे भी लोग है जिनके बच्चे सबल-सफल-चपल है और इनको छोड़ चुके हज ऐसे लोगों का दर्द मानवता पर प्रश्न उठाता है, कुछ लोग परिवार के लिए भी फुटपाथ पर, रिक्शा पर ही सो जाते है, ऐसे मेहनतकश लोगों को हमारा सलाम है। कल इन लोगों के बीच केक काटना, नए वस्त्र, कम्बल और कुकीज़ का वितरण सब आपलोगों के कारण सम्भव हो गया, थैंक्यू, थैंक्यू सो मच!

हम आप लोगों से आग्रह करेंगे कि बेशक आप सबकी मदद न करे, पर अगर आप एक स्टारफिश को भी उसके जीवन को पुनः जीने का अवसर दे देते है, उसे रेत से उठाकर फिर से पानी में फेंक देते है तो निश्चय ही आपका जीवन, यह पोस्ट और creacting india का सपना पूरा हो जाएगा।
इस मुहिम में हमारा सहयोग देने के लिए हमारे टीम मेम्बर्स श्री विनोद कुमार, श्री अभिषेक कुमार, निशा कुमारी, श्री राजू ठाकुर, शिवम कुमार, सीमा कुमारी, राहुल कुमार, माजिद आलम और आँचल सिंहा का धन्यवाद करता हूँ जी इस ठंड में रात के तीन बजे तक इस एडवेंचर को फील करने के लिए सड़कों पे थे, ईश्वर आप सबको सफल बनायें यही आशा।
यह मुहिम अकेले Creacting India के लिए आसान नहीं होता अगर आप लोग साथ न देते, हम सभी आभारी है प्रियंका मैडम(प्रिंसिपल JKY स्कूल) जनार्धन प्रसाद सर, राबिया ख़ानम मैडम, अजय गुप्ता सर, सुमन सागर सर, गजाला मैम, छवि मैम, अर्पणा मैम, प्रशांत सर, प्रवीण सर, ज्योति मैम, निधि मैम, ममता मैम, छोटू सर, संजीव जी, अक्षय कुमार जी, स्नेहा सिन्हा मैम, प्रमोद लाल सर,रश्मि मैम(प्रिंसिपल अध्ययन किड्स) शांतनु सर, सत्यजीत राय सर, रवि कृष्णा सिंह जी, अमित कुमार(डायरेक्टर अध्ययन किड्स), महेश सर (CEO Linguatech), प्रमोद कुमार सिंह-सुनीता सिंह जी, अभिजीत भट्टाचार्य, रीना राय जी, प्रमोद सर और उनका परिवार, मोनी विश्वकर्मा, आकाश सिन्हा जी, अंजन कुमार शरण (MBGB),रोहन गौरव, प्रदीप शर्मा, शगुफ्ता मैडम, अर्चना मैडम, खुशबू मैडम, मिलकिस मैडम, दिवाकर सर, दिव्या मैडम, शालिनी सिंह मैम, गणेश कुमार सर, निकेश सर(डायरेक्टर अजोरा स्कूल) तथा उन सभी मित्रों का जिन्होंने हमारे पोस्ट को पढा और हमें हतोत्साहित नहीं किया, आप सब को कोटि कोटि धन्यवाद और यही प्रार्थना की आने वाला हर दिन आपके जीवन में सकारात्मकता का संचार करे और आप सब यूंही अपना और औरों के ख्याल रखते रहे।
धन्यवाद

Creacting Indiaके इस पहल को यहाँ पढ़े और उनको प्रोत्साहित करें।

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https://creactingindia.wordpress.com/2019/12/26

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