West Bengal Achieves Training Target In NDLM

The registration of candidates in West Bengal and Haryana has been suspended as the state-wise target has been achieved under NDLM.

West Bengal has registered 3,27,772 beneficiaries, which includes general candidates, ASHA and Anganwadi workers and authorised ration dealers; while Haryana has registered 1,32,397 beneficiaries. Apart from West Bengal and Haryana, Uttar Pradesh and Rajasthan are the other states to achieve their training targets.

Approximately 25 lac people have enrolled for NDLM/Disha Training in which 16 lac people have been trained so far and more than 5 lacs students have been certified. NDLM Training have been suspend till further notice in every state.

 

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Thanks
Sunny Kumar

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आजाद देश के सेक्युलर

आजाद देश में सेक्युलर बने फिर रहे अभागो को ये अंदाजा भी है की अंग्रेजों के विरुद्ध पहला विद्रोह की वजह क्या थी? मंगल पाण्डेय और सिपाहियों ने गाय की चमरी को मुंह में लेने से मना कर दिया था..
वही ऋषि कपूर, काटजू और उनके पिट्ठू कहते है की गाय ही तो खाया है, मुर्गी भी खाते है तब क्यूँ हल्ला नही मचता…अबे चूतियों तुम गूह खाओ, हमें मतलब नही पर सालों अपनी जीभ की स्वाद के लिए कानून तोडना, किसी के धार्मिक भाव से खेलना और उस निर्दोष के उपकारों का बदला उसका खून करके लेना ससुरों किस लॉजिक के किताब से सही साबित करते हो…??

कुत्तों को बचाने वाले पशुप्रेमी और गौ को माँ का सम्मान देने वाले, उसकी हत्या को हत्या मानने वाले साम्प्रदायिक??

थू है तुम्हारी इंसानियत पे, नंगे घूमों तुम तो आदम के जमाने को हो बे..

लालू के लाल

आप में से कितनों को पता है की तेजस्वी की योग्यता क्या है???

सारे संसाधन होने के बावजूद भी आप नौवीं पास है, क्रिकेटर थे जनाब, पिछली दफा आईपीएल में बंगलोरे में बेंच पे बैठे रहे….जरा बताइए किस लिहाज से वो आपका नेता हो गया??

वैसे बता दूँ रामकृपाल कमल में, पप्पू यादव जप में, रामचंद्र यादव सपा में माने यादव हर दल में है, तो लालू जी की लालटेन को बेशक वोट दें, पर कम पढ़े लिखे को वोट न दे चुकी इन्ही को आगे चल के आपके लिए नियम, नीति बनाना होता है, इनके भेजे से ही विकास की रेखा खिंचेगी और जो खुद फ़ैल हो वो आपको पास करा पायेगा क्या?? लालू जी बेशक सक्षम है पर क्या भरोसा कब फिर जेल में बंद हो जाए?? सही चुनिए, सक्षम और समर्थ को चुनिए

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बिहार में पढ़े लिखे लोगों को सरकारी नौकरी न मिले तो बौरा जाते है, पलायन या फजीहत दो ही विकल्प बचता है फिर पर कम पढ़े लिखे लालू परिवार की मौज है, क्यूंकि उनके पीछे यादवों की फ़ौज है??

राबरी ले दे के पांचवी पास थी, पर चाची मुख्यमंत्री बन गयी अब नौवां पास तेजस्वी ओही सीट से पर्चा दाखिल किया हिया, उसको पता है कम पढ़े लिखे को अगर कोई पचा सकता है तो वो है राघोपुर की जनता…. वैसे तेजस्विया क्रिकेटर है, पिछला आईपीएल बंगलोरे के टीम में था और खूब पानी पिलाया सब को..बिना उद्योग करोड़पति भी..

वैसेदिल्ली पब्लिक स्कूल के पास विज्ञापन का फुल मौका है की उसके यहाँ से नौवी कर लेने के बाद भी आप नेता बन सकते है, माने जादा पढाई की जरुरी नही….

बिहार में बहार है…पढ़े लिखे गंवार है…

आजादी के असली नायक कौन ⇄ काँग्रेस या गुमनाम कर दिये गये सेनानी व शहीद ?

यह लेख मैं परम आदरणीय नेताजी सुभाषचंद्र बोस के रहस्यात्मकता से गायब हो जाने के पश्चात बने जाँच आयोगों की तथाकथित सार्थकता, गंभीरता व सत्यता का विश्लेषण करते हुऐ शुरू करूँगा जिसके अंतर्गत काँग्रेस और इसके पुरोधाओं के असली कुरूप व निकृष्ट चरित्र का यथासंभव किंतु ऐतिहासिक सबूतों सहित तथ्यात्मक पोस्टमार्टम ही किया जाना है। ▼

★ देश आजाद होने के बाद संसद में कई बार माँग उठती है कि कथित विमान-दुर्घटना में नेताजी की मृत्यु के रहस्य पर से पर्दा उठाने के लिए सरकार कोशिश करे। मगर प्रधानमंत्री नेहरूजी इस माँग को प्रायः दस वर्षों तक टालने में सफल रहते हैं। भारत सरकार इस बारे में ताईवान सरकार (फारमोसा का नाम अब ताईवान हो गया है) से भी सम्पर्क नहीं करती।

अन्त में जनप्रतिनिगण जस्टिस राधाविनोद पाल की अध्यक्षता में गैर-सरकारी जाँच आयोग के गठन का निर्णय लेते हैं। तब जाकर नेहरूजी 1956 में भारत सरकार की ओर से जाँच-आयोग के गठन की घोषणा करते हैं।

लोग सोच रहे थे कि जस्टिस राधाविनोद पाल को ही आयोग की अध्यक्षता सौंपी जायेगी। विश्वयुद्ध के बाद जापान के युद्धकालीन प्रधानमंत्री सह युद्धमंत्री जेनरल हिदेकी तोजो पर जो युद्धापराध का मुकदमा चला था, उसकी ज्यूरी (वार क्राईम ट्रिब्यूनल) के एक सदस्य थे- जस्टिस पाल। मुकदमे के दौरान जस्टिस पाल को जापानी गोपनीय दस्तावेजों के अध्ययन का अवसर मिला था, अतः स्वाभाविक रुप से वे उपयुक्त व्यक्ति थे जाँच-आयोग की अध्यक्षता के लिए।
मगर नेहरूजी को आयोग की अध्यक्षता के लिए सबसे योग्य व्यक्ति शाहनवाज खान नजर आते हैं।

शाहनवाज खान- उर्फ, लेफ्टिनेण्ट जेनरल एस.एन. खान। कुछ याद आया?

Source: आजादी के असली नायक कौन ⇄ काँग्रेस या गुमनाम कर दिये गये सेनानी व शहीद ?

गाँव में हो रही नई कोशिशें

राष्ट्रिय डिजिटल साक्षरता अभियान, प्रथम चरण का खरौना डीह में हुआ सफल सफल समापन.. तस्वीरें बहुत कुछ कहती है 🙂

Source: गाँव में हो रही नई कोशिशें

NDLM/DISHA Examinations have been suspended till further notice.

The Digital Saksharta Abhiyan (DISHA) or National Digital Literacy Mission (NDLM) Scheme has been formulated to impart IT training to 52.5 lakh persons, including Anganwadi and ASHA workers and authorised ration dealers in all the States/UTs across the country so that the non-IT literate citizens are trained to become IT literate so as to enable them to actively and effectively participate in the democratic and developmental process and also enhance their livelihood.

Making one person in every family digitally literate is one of the integral components of the Prime Minister ‘s vision of “Digital India”. Till now UP and Haryana has achieved its Training Target and in other states Training centers are working hard to achieve their target but the case in Bihar is Different, here general students registration have been suspended and from last week even examination have been suspended and so interested student are not getting enroll for this promising program.

Through this post i want to request authorities to make things clear whether it will start or not and also i would request students to wait for some time as i am not clear about the future of this program in Bihar.

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