Galatfahmi Si Hone Lagi Thi | Hindi Poetry

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ये कैसा इश्क!

कल एक मित्र का कश्मीर से फोन आया, जो आजतक पर चले एक पारिवारिक मसले को लेकर चले लंबे ड्रामे से खिन्न थे, और चाहते थे कि मैं उसपे कुछ लिखूं, वही विचार यहां आपमें रखता हूँ। हो सकता है मैं गलत हूँ पर साहब अगर गलत भी हूँ तो यहाँ यही हूँ, और परिवर्तन अगर ऐसे चाहिए तो नकारता हूँ।

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