When I met Jaisurya

sanath-jaisurya-pepercuttingIt is December, the month which i loves most, which has already blessed me with my life, my first love, first bicycle and more has offered me something unexpected this time. Yes, Day before Yesterday and Yesterday also, I mean i have had spend my two day with the legendary batsman, Mr. Sanath Jaisurya and have learnt simplicity, real class and few cricketing tips.
Well, being a cricketer i never thought that I would even manage to meet state level players, but in last six months due to my school, G D Goenka Public School, Gaya I got opportunity to meet few Ranji Players, Md Azharaduddin and this time Mr. Sanath Jaisurya. Yes I managed to get photographs, Autographs, hand shake opportunity too… I am happy, really I AM.

Read what Dainik Bhaskar is saying : https://www.bhaskar.com/news/BIH-PAT-HMU-sanath-jayasuriya-in-gaya-news-hindi-5486184-PHO.html?seq=3

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हर लब्ज में नाम तुम्हारा है..

life-iz-amazing-4सुबह की ओस में मैंने,
तेरी छुअन को पाया है,
शाम रंगीन आसमां में मैंने,
तेरी हलचल ही देखी है.
इस रात की चांदनी तुम,
तुमने ही इन्हें महकाया है,
जब भी हुयी है ये आँखें बंद,
इसने ख्वाब तेरा ही सजाया है.

तेरी नाराजगी में मैंने खुद को महफूज़ पाया है,
तेरी ख़ुशीयों में मैंने खुद को ही अब पाया है,
जब भी सुनी है हमने धुन तेरे धडकन की,
उसने भी मेरे सुर से ही अपना धुन मिलाया है.

खुशियाँ जो भी मेरी है, अब उनमें नाम तुम्हारा है,
चाहत दिल में जो भी है, अब इनपे हक तुम्हारा है,
जिंदगी कल क्या हो नही देखा है मैंने,
पर अब मेरा हर आज तुम्हारा है.

आँखों का इन्तेजार,
नींदों का ख्वाब,
हर लब्ज में नाम तुम्हारा है.

क्रय-विक्रय का व्यापार नहीं है

क्रय-विक्रय का व्यापार नहीं है,
मन है मेरा, बाजार नहीं है.
लाभ-हानि की कैसे बात करुं मैं,
भाव है मेरा, कोई सामान नहीं है..

मैं सदा रहूँ तुम्हारे साथ.

advik4for my Advik.
हर पल हर मौसम,
मै रहूँ तुम्हारे पास,
कहती है ख्वाहिश मेरी,
मैं सदा रहूँ तुम्हारे साथ.

सूबह कि लाली धुप में,
हम हो धुप सेंकते साथ,
दिन भर तुम संग खेलूं मै,
थामे रहूँ तुम्हारा हाथ.
रात तुम्हें बाहों में रखकर,
तुम्हें सुलाउं अपने पास.

है सर्दी का मौसम अब जब,
बाहों में तुमहें समां लूँ,
सीत तुमको सिहरा न पाये,
ऐसे सीने से तुम्हें लगा लूँ।

जब मौसम बहारों का आये,
तुझपे फाल्गुन के रंग चढ़ाऊँ,
हूँ तुम्हारे ही रंगो में रंगा,
पूरी दुनिया को बतलाऊँ।

हर पल हर मौसम,
मै रहूँ तुम्हारे पास,
कहती है ख्वाहिश मेरी,
मैं सदा रहूँ तुम्हारे साथ.

Trade Fair Moments.

It was too rushy and not enjoyed like last year but when read in newspapers that we made records yesterday by visiting trade fair, i thought to save and share those moments. First of would like to share that record which i am talking about, Yesterday i.e. 24th Nov 2013, Over 1.3 lakhs people took the Delhi Metro to reach Pragati Maidan to visit the ongoing India International Trade Fair, recorded a new high in footfall. Agreed that numbers were high but for us it was expected and so we are happy with all those waiting queues.

Just for Information, this year partner state was Bihar and focused state was orrisa and these poor states have not much to please visitors 😦

Bihar

Indian Army Display
Indian Army Display

हर सुबह जिस आंगन में..

img_3104हर सुबह जिस आंगन में,
हजारों ख्वाब खिलते है,
चाहत की हर उड़ान को,
जहाँ पर पंख मिलते है,
है वही आँगन मेरा,
जहाँ हम रोज संवरते है..

कौतूहलता की हर रात का जहाँ,
अंत होता है,
ज्ञान से प्रकाशित वह चौखट,
जहाँ हमारा भोर होता है..
-सन्नी कुमार

जिसने फिरसे चलना सिखा दिया..

खोये खोये ख्वाबों को जिसने,
खिलना सिखा दिया,
उलझी उलझी बातों को जिसने,
खुबसूरत किस्सा बता दिया,
टूट रही उम्मीदों को जिसने,
नया पर है लगा दिया,
तुम हो वो अनमोल हमसफर,
जिसने फिरसे चलना सिखा दिया..

Khoye khoye khwabon ko jisne,
khilna sikha diya,
uljhi uljhi baaton ko jisne,
khubsurat kissa bataa diya,
toot rahi ummidon ko jisne,
nayaa par hai lagaa diya,
tum ho wo anmol hamsafar,
jisne phirse chalne sikha diya.

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