वो खूबसूरत खता तुम बनोगी

गर माफ़ हो मेरी एक भी खता,
वो खूबसूरत खता तुम बनोगी..
गर पढ़ ले दुनिया मेरी नजर को,
इस नज़र में तुम ही मिलोगी..
होता है मेरे जुबां पे कई नाम,
पर मेरे दिल में बस तुम बसोगी,
गर माफ हो मेरी एक भी खता,
वो खूबसूरत खता तुम बनोगी….

एहसासों का बादल मुझपे है छाया,
पर मेरी जां सावन तुम ही बनोगी,
धोकर कड़वी यादों की देहरी,
तुम मेरे आंगन को रौशन करोगी,
दिल में हजारों है और भी अरमां,
पर उन अरमानों में तुम ही सजोगी,
गर माफ हो मेरी एक भी खता,
वो खूबसूरत खता तुम बनोगी..

IMG-20170619-WA0023-सन्नी कुमार

आईना और मैं

क्यूं संवरती हो उस आईना को देखकर,
संवरा करो तुम इन आँखों में झांककर,
आइना जिससे मिले उसी का हो जाता है,
और ये आँखें है जो सिर्फ तुमको बसाता है..
-सन्नी कुमार

बस मुस्कुरा देता हूं…

तुम याद आती हो अब भी रोज़, पर फिर मैं भुला देता हूँ,
दिल चाहता है तुमसे रूबरू होना, पर हसरतों को दिल में दबा देता हूँ,
आज भी उलझता हूँ, उन रूठे ख्वाबों को सहेजने में,
पर अब हकीकत की खुशी है इतनी,
कि जिन्दगी को कर शुक्रिया, बस मुस्कुरा देता हूं…
-सन्नी कुमार

तारीफें उनकी हो..

tarif2तारीफें उनकी हो जिन्होंने भाव बख्शे दिल को थे,
तारीफें उनकी हो जो मिलकर ख्वाब बुनते अक्सर थे,
हम थे क्या बस एक जिन्दा दिल, जो धड़कना जानता था,
हम थे क्या बस जागे नयन, जो ख्वाबों को जीना जानता था.

तारीफें उन एहसासों की जो कागज़ पर उकड़ना थी जानती,
तारीफें उनके काजल की जो स्याही में बदलना थी जानती,
हम थे क्या बस एक चंचल कलम जो अलफ़ाज़ सजाना जानता,
तारीफें हो इश्क की जो बिन पंखों के उड़ना सीखाना जानता.
-सन्नी कुमार
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Taarifein unki ho jinhone bhaaw bakhse dil ko the,
Taarifein unki ho jo milkar khwab bunte aksar the,
hum the kya bus ek jinda dil, jo dhadkna jaanta tha,
hum the kya bus jaage nayan, jo khwabon ko jeena janta tha..

taarifein un ehsaason ki ji kaagaj par utarana thi janti,
taaifein unke kaajal ki jo syahi mein badalna thi jaanti,
hum the kya bus ek chanchal kalam jo alfaaaz sajaana jaanta,
taarifein ho ishq ki jo bin pankhon ke udna seekhaana jaanta.
-Sunny Kumar

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