अपने भारतवर्ष महान में..

Bhrashtaachaar
खिलाड़ी बैठे संसद में है,
सटोरी आधे मैदान में,
लूटने की होड़ लगी है,
अपने भारतवर्ष महान में..

मन्नू को सन्नो की चिंता,
सन्नो को स्वीस अकाउंट की.
सिपाही को करना पर रहा चोरों की रक्षा,
अपने भारतवर्ष महान में..

Dream Should Be Our Own

Either it will turn into reality or became just another theory, it would hardly matters but if you have a dream be assured that you will have a best life and you will never regret about your life. If your dream is true and this is what your inner self want to become then without any hard effort, without any difficulty you will get it accomplished.
See, why I’m saying that without any extra effort you can accomplish your dream? This is because if your dreams is related to your inner self and not influenced by society then you will enjoy to work for your dream, you will find a great happiness while working for it and then all extraordinary efforts will seem to you like you are singing your favorite song or playing your favorite game, Hope you got my point.!

But Please be careful while dreaming and ask twice to yourself that is this in real you want to become and if your heart says yes go for it and experience a new life. Sooner or later you will start living your dream, your life.

Some wise Man Said- “Dream, Dream Big Because Dream comes True.”

I would like to add further “Dream, Dream big but only dream what YOU want to become not what your society want.”

Do your work and left the rest to God.

Never get in hurry about the results and it’s a waste if you are worrying about it, Just do your work and get satisfied with it. You must know the truth that no one can be fully satisfied with the result, so it would be better if you try to get satisfaction with your work instead of result. Be assured that if you get satisfied from your work, then result would hardly matter to you.

So, “JUST DO YOUR WORK AND LEFT THE REST TO Krishna.”

जो शब्द खुबसूरत होते, तुम्हारी ख्वाब की तरह..

जो शब्द खुबसूरत होते, तुम्हारी ख्वाब की तरह..
हर पढनेवाला आज आशिक होता..
बुलेट की फिर कोई जरुरत न होती,
तुम्हारे जिक्र होने से ही दुश्मन ढेर होता..

हाँ ख्वाब से हसीं कुछ और नहीं..

Priyeeeeeवो कहती है खुबसूरत तो नजरें होती है,
चेहरा नहीं..
मै कहता हूँ खुबसूरत ख्वाब होती है,
नजरें नहीं..
वो कहती है ख्वाब तो बस झूठ है,
सच नहीं..
मै कहता हूँ ख्वाब झूठ भी है,
और सच भी..
वो कहती है हकीकत से हसीं,
कुछ और नहीं..
मै कहता हूँ दुनिया ख्वाब की दीवानी है,
और इससे हसीं कुछ और नहीं..
हाँ ख्वाब से हसीं कुछ और नहीं..!!

ऐ हवा तू खुद में उसकी महक समेट ला..

  • Lonely1ऐ हवा तू  खुद में उसकी महक समेट ला,
    वो निकली जो होगी संवर के, तू उसकी आहट समेट ला..
    कर तू मुझपे एहसान आज, मिलके उसके पास से आ,
    कि रूठी जिंदगी मुझसे है यार, कुछ साँसे उससे उधार ला..
    ऐ हवा तू  खुद में उसकी महक समेट ला..

मुझे आदत सी हो गयी है उसकी,
तू उसको खुद में बसा के ला..
जो न करेगा तू इतना,
तू भी भुला दे मुझको जा..
ऐ हवा तू  खुद में उसकी महक समेट ला..

कि बिन उसके कुछ भी मंज़ूर नहीं,
कि कोई खबर तो उसकी ला,
साँसे थक गयी है मेरी,
तू उसकी छुअन तो ले के आ..
ऐ हवा तू  खुद में उसकी महक समेट ला…!!!

images (1)वो छुपी न जाने क्यूँ हमसे,
शायद मिलने भी आज न आये वो,
चलें मेरी साँसे इन्तेजार में उसके,
ऐ हवा तू उसको खुद में बसा के ला..

उससे दूरी है दिल को मंजूर नहीं,
कहीं बोझिल साँसों से धड़कन थम ना जाये,
मै मिलूँ उससे, कर पाऊं उसका इन्तेजार,
ए हवा तू खुद में उसकी छुअन तो ला..

ऐ हवा तू खुद में उसकी महक समेट ला,
वो निकली जो होगी संवर के, तू उसकी आहट समेट ला..
कर तू मुझपे एहसान आज, मिलके उसके पास से आ,
कि रूठी जिंदगी मुझसे है यार, कुछ साँसे उससे उधार ला..
ऐ हवा तू खुद में उसकी महक समेट ला….

– सन्नी कुमार

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