बस मुस्कुरा देता हूं…

तुम याद आती हो अब भी रोज़, पर फिर मैं भुला देता हूँ,
दिल चाहता है तुमसे रूबरू होना, पर हसरतों को दिल में दबा देता हूँ,
आज भी उलझता हूँ, उन रूठे ख्वाबों को सहेजने में,
पर अब हकीकत की खुशी है इतनी,
कि जिन्दगी को कर शुक्रिया, बस मुस्कुरा देता हूं…
-सन्नी कुमार

तुम्हारा जिक्र जरुरी है..

My Secret Diaryजिन्दगी के किताब में,
तुम्हारा जिक्र जरुरी है,
प्यार से महके मेरा जीवन,
सो तुम्हारे यादों का इत्र जरुरी है..
जिन्दगी के किताब में,
तुम्हारा जिक्र जरुरी है..

बेहतर है आज मेरा कल की रूसवाइयों से,
पर इस वर्तमान के मोल की खातिर,
तुम्हारा इतिहास जरुरी है..
जिन्दगी के किताब में,
तुम्हारा जिक्र जरुरी है..
-सन्नी कुमार

हर सुबह जिस आंगन में..

img_3104हर सुबह जिस आंगन में,
हजारों ख्वाब खिलते है,
चाहत की हर उड़ान को,
जहाँ पर पंख मिलते है,
है वही आँगन मेरा,
जहाँ हम रोज संवरते है..

कौतूहलता की हर रात का जहाँ,
अंत होता है,
ज्ञान से प्रकाशित वह चौखट,
जहाँ हमारा भोर होता है..
-सन्नी कुमार

मिलना चाहता हूँ उन आशिक़ो से

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मिलना चाहता हूँ उन आशिक़ो से,
जिनको उनकी आशिकी मिली,
जानू तो सही कुसूर मैं अपना,
की क्यूं मुझे न मौत न जिंदगी मिली।

ईश्क़ को जीते है कैसे पुछूं मैं उनसे,
जिनके हिस्से हो आया मिलन, आज मिलूं मैं उनसे,
जानू तो सही भूल मैं अपना,
की क्यूं मुझे न ख्वाब न हक़ीक़त मिली।।
– सन्नी कुमार
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Milna chahta hoon un ashiqon se,
Jinko unki ashiqui mili,
Jaanu to sahi kusoor mai apna,
Ki kyun mujhe na maut na jindagi mili..

Ishq ko jeete hai kaise, puchu mai unse,
Jinke hisse ho aaya milan, aaj milun mai unse,
Jaanu to sahi mai bhul apna,
Ki kyun mujhe n khwab n haqeeqt mili.

बदले लोगों को ढूंढना नही आता

life iz amazingढूंढ लाते हम उनको गर वो खो जाते,
पर बदले लोगों को ढूंढना नही आता..
दिल हो गर मायूश तो मना भी लें,
पर टूटे दिल को मनाना नही आता…

आज फिर बीत गया ‘कल की यादों’ में,
पर गुजरे लम्हों में रुकना नही आता…
वो सारे पल जो बीते, खुशनसीबी के थे,
पर बीते पलों को फिर से जीना नहीं आता..

वो कोरे सारे ख्वाब जो टूटे थे कल,
उनको आंसुओं से धोना नही आता.
दिल माफ़ करे अब उनको न याद करें,
पर दिल पर जोर करना भी हमको नहीं आता..

-सन्नी कुमार

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Dhundh Laate hum unko gar wo kho jaate,
par badle logo ko dhundhna nahin aata.
dil ho gar mayus to manaa bhi lein,
par toote dil ko manaana nhi aata…

Aaj phir beet gayaa ‘kal ki hi yaadon’ mein,
par gujhre lamhon mein rukna nahi aata,
wo saare pal jo beete khushnaseebi ke the,
par beete palon ko phir se jeena nahi aata..

wo kode saare khwab jo toote the kal,
unko aansuon se dhona nahin aata,
dil maaf karein unko na ab yaad karein,
par dil par jod karna bhi humko nahi aata..

बाद मेरे दुनिया को समझा लेना..

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ग़र हो सके तो,
अपनी यादों को समझा लेना.
जो दलीलें दिल को दी,
वो याद, इनको इनको भी करा देना।।

ठीक नहीं इनका हर वक़्त आना,
ठीक नहीं आकर, पलकों को भिंगो जाना.
ग़र हो सके तो,
अपनी यादों को समझा लेना।।

मेरे टूटने के और भी बहाने है,
तुम जिक्र अपना, बचा लेना.

मैं रूठा हूँ जग से,
तुम्हें पाने की हठ में,
जो ना मिली तुम,
बाद मेरे दुनिया को समझा लेना।।

-सन्नी कुमार
[एक निवेदन- आपको हमारी रचना कैसी लगी कमेंट करके हमें सूचित करें. धन्यवाद।]

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Gar ho sake to,
apni yaadon ko samjha lena.
Jo dalilein dil ko di,
wo yaad inko bhi karaa dena..

Thik nahi inka har waqt aana,
thik nahi aakar, palakon ka bhingo jaana,
gar ho sake to,
apni yaadon ko samjha lena..

Mere tootane ke aur bhi bahaane hai,
tum jikra apna bachaa lena..

Mai rootha hun jag se,
tumhein paane ki hath mein,
jo naa mili tum,
baad mere duniya ko samjha lenaa.

उस दर से मेरी सदा ही दुरी रखना

Life-iz-Amazing-Pray

Ek Duaa

उस दर से मेरी सदा ही दुरी रखना,
गुज़रकर जहाँ से लोगों के ईमान बदलते हो..

दब जाती हो चींख जहाँ सिक्कों की खनक में,
भूल जाते हो जाके खुद के वजूद को,
उस तेज से हमको महरूम ही रखना,
देख जिसको एक बार और कुछ दीखता नहीं हो..

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Us dar se meri sadaa hi duri rakhna,
guzarkar jahan se logon ke eeman badalte ho..
dab jaati ho cheekh jahan sikkon ki khanak mein,
bhul jaate ho jaake khud ke wajood ko,
us tej se humko mahroom hi rakhna,
dekh jisko ek baar aur kuchh dikhta nahin ho..