आजाद आप हमेशा याद रहोगे, अमर रहोगे!

गुलाम भारत में जो वीर पैदा हुआ, जिसने देश प्रेम के लिए अंग्रेजों से लोहा लेते हुए खुद को गोली मार दी, उस वीर को सत् सत् नमन। नमन उस सोंच को जिसने खुद को आजाद कहा, नमन उस सोंच को जिसने स्वराज के लिए अपने प्राण त्याग दिए।

अब बात जरा आजाद भारत की जहाँ अफजल, याकूब के निर्लज्ज समर्थन की बात हुयी फिर रोहित वेमुल्ला को शहीद बताया गया.. आजाद भारत में आंदोलनों के नाम पर नौटँकीयां खूब हुयी है और आज लोग खुद को आजाद नहीं कहते आज तो दलित कहाने की होड़ है, फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनते है, हिन्दू क्या भारत के मुसलमान और ईसाईयों में भी जाति व्यवस्था हो आयी बल्कि बढ़ी है… आज स्वराज को नहीं बल्कि आरक्षण के लिए लड़ाई हो रही, क्या जाट, क्या पटेल पूरा देश मुफ़्त की मलाई चाटने को न केवल स्वाभिमान का बल्कि हमारी एकता का भी सौदा कर रहे और ऐसी स्थिति में आजाद को समझना- समझाना मुश्किल हो रहा है!ऐसा क्यों?

भोजपुरी गानों की नंगई

भोजपुरी एक शानदार भाषा है जिसकी ठेठी में अपनापन है, जिसके डायलॉग्स में कॉन्फिडेंस और बेजोड़ नयापन होता है पर इसको अनपढ़ जाहिलों की भीड़ ने जो खुद को भोजपुरी कलाकार कहते है ने बदनाम कर दिया है। चिढ़ और चिंता दोनों है कि भोजपुरी फिल्मों के गाने नंगई की सारी हदें पार करती होती है और बावजूद शादियों में, ऑटो में, होली जैसे त्योहारों में आसपड़ोस यही सुनने को मिलता है। पूछ सकता हूँ कि ऐसे पिछड़ों का इलाज क्या है? क्या सरकार इन्हें आरक्षण के तहत शारदा सिन्हा जी के कैसेट्स उपलब्ध कराए? क्या बिहार सरकार ने ऐसा कोई बोर्ड बनाया भी है जो इन लिच्चड़ों से निपटे?
खैर आप सब से बस यही रिक्वेस्ट है कि शादी और त्योहारों में भोजपुरी के गंदे गाने न सुने और जो सुनते हो उनको आईना दे। अपन ऐसा कर चुके है और अब मेरे पड़ोस में आजकल बागबान के गाने बजते है जबकि पहले ऐसा बिल्कुल न था सो आप भी अगर कहीं भोजपुरी के वाहियात गाने सुने तो बंद कराने की सफल कोशिश करे। बाकी सब जय जय होली की अग्रिम शुभकामनाएं।

जिंदा जो है तो मिसाल बनिये

जिंदा जो है तो मिसाल बनिये,
सख्सियत ऐसी, की औरों का ख्वाब बनिये,
होंगे हम सभी एक रोज सुपुर्द-ए-खाक,
पर उस मुकाम से पहले,
एक मुकम्मल पहचान तो बनिये।
जिंदा जो है तो मिसाल बनिये..

कब तक बहलाएँगे हम,
खुद को इतिहास के किस्सों से,
अब भी वक़्त है,
स्वर्णिम भविष्य का ख्वाब तो बुनिये,
हो जाए जिससे धन्य यह धारा,
आप वो इंसान बनिए,
जिन्दा जो है तो एक मिसाल बनिये

बहुत कर चुके नाज़ हम औरों की तूती पर,
अब लोग करे हमारी बात,
ऐसी जिंदादिल जवानी तो बनिये।
हर ओर हो जिसके कामयाबी के चर्चे,
ऐसी एक कोई कहानी तो लिखिए।
जिंदा जो है तो मिसाल बनिये..
-© सन्नी कुमार

निवेदन: शब्दों को महत्व दे

Krishna is everywhere and so in WORDS.. और फिर अक्षर ही ब्रह्म है, अमर है जो हमेशा वायुमण्डल में मौजूद रहेगा, विज्ञान भी यही कहता है ये ध्वनि आपके कानों से दूर जाएगी, खत्म नहीं होगी, सो इस ब्रह्म को सलीक़े से उपयोग में ले इसकी जिम्मेदारी हमारी और आपकी सबकी बराबर है। बाबा कबीर भी यही बोले थे कि “बोली एक अमोल है, जो कोई बोले जानी, हिये तराजू तौली के, तब मुख बाहर आनी। In short we should be selective with our words because it not just imprints in others compiler that further may boost his program execution but if it goes in wrong way then things will give error.. (Hope you get it.)
-आधुनिक विचारों के प्रतिपादक आचार्य श्री श्री १००८ सन्नी कुमार जी महाराज

वो ख्वाब हो रोज अब सिरहाने में मेरे..

IMG-20180213-WA0018काश सुन ले कभी वो कहानी मेरी,
हो जाउं मुकम्मल गर हो जुबानी मेरी..
है जो तस्वीर बनाया शब्दों से मैंने,
वो अब रूबरू मिले, है ख्वाहिशें ये मेरी..

काश जल्द ही अब वो शाम भी आए,
दो चाँद हो जब आँगन में मेरे..
हूँ महकता जिसके जिक्र से रोज,
वो ख्वाब हो रोज अब सिरहाने में मेरे..
-सन्नी कुमार

इस वसंत रूपांतरण के कुछ पुष्प खिलाएँ

Image result for rose plant having full thronesउस पौधे में फूल बमुश्किल चार थे और काँटे हजार, फिर भी उसे गुलाब का पेड़ कहा गया, न कि काँटों का। हो सकता है हम सब में भी हजार बुराई-रूपी काँटे हो पर जरूरत है कि हम उन अच्छाई-रूपी फूलों को संवारे-सहेजे, जिसकी खूबसूरती औरों को आकर्षित करे और जिसकी खुशबू आसपास को सुगंधित करे। आए इस वसंत रूपांतरण के कुछ पुष्प खिलाएँ।

Pic credit: Google Image

Best Maths Teacher in Gaya

It’s not just my blog title but I strongly felt it thousands of times that Life iz Amazing and it is mostly because of the people around.. Today I am going to introduce a math wizard, mentor, soft-spoken, senior Mr. Zeeshan Ahmad, Hod Maths, G D Goenka Public School GAYA, Who has been in teaching portfolio for last 7 years and in this short span of time his talent and dedication got acknowledged by education industry and media pioneers and that has brought many appreciations and today he is known as Best Maths Teacher in Gaya.

When I spoke Mr. Zeeshan to talk about his journey what he said just read in his own word.

We see “a caterpillar to struggle to become a butterfly, we feel pity and try to help but the destiny says this is the way it becomes strong.” My journey as teacher is just the same as of a caterpillar. I am that coffee bean who has been boiling to spread the essence of education among my pupils.

To become a teacher was my choice and I cherish my achievements as one of the best math teacher in Gaya. It is well known that Gaya is the place of knowledge and to get such an honour here makes me feel proud. This progression of achievement started in Latur. At present I am the senior coordinator of GDGPS Gaya. I am also the HOD of mathematics where I facilitate my children not to fear maths but to love it.

I have done my education from Agra which is famous for its love symbol i.e. The Taj Mahal . However the journey of learning is an unending process and I am enjoying this world from learners eye. Teaching has given me an opportunity to work for my children and the society and I am satisfied so far with my children performance in Board exams. My mission is to erase the mathphobia from learners mind and to develop a culture where students would enjoy calculations and can come up with new ideas to make world better and better.

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