जीने के अरमान अब बदले..

sunny kumarसमय बदला, तेवर बदले,
भूल गए वो हम सब बदले..
बातें बदली अर्थ भी बदला,
मिलने का अब ढंग भी बदला..

अवसर बदला, उम्मीदें बदली,
लगन, लगाव भी अब बदला,
साथ बदला साथी भी बदले,
और इनका मिजाज भी बदला..

तरीके बदले तर्क भी बदला,
जज्बा और जज्बात जो बदला..
परिचय बदला पहचान भी बदले,
जीने के अरमान अब बदले..

-सन्नी कुमार
[एक निवेदन- आपको हमारी रचना कैसी लगी कमेंट करके हमें सूचित करें. धन्यवाद।]
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Samay badla, Tewar badle,
Bhul gaye wo hum sab badle..
Baatein badli, arth bhi badla,
Milne ka ab dhang bhi badla..

Awsar badla, ummidein badli,
lagan, lagaaw bhi ab badla..
sath badla, saathi bhi badle,
aur inka mijaaj bhi badlaa..

Tareeke badle, tarq bhi badla,
Jajba aur jajbat jo badlaa..
Parichay badla, pehchaan bhi badle,
Jeene ke armaan ab badle..

-Sunny Kumar
[Request- Please do comment and let me know if you liked/disliked. Thank you!]

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