बेताब हू

तुम्हारे आँखों में उतरने को बेताब हूँ मैं,
तुम दिल में बसा लो इंतजार में हूँ मैं,
तुमको दूंगा हर क्षण प्यार ही प्यार,
तुमसे मुहब्बत की इजाज़त मांगता हूँ मैं।
-सन्नी कुमार


प्यार जगा कर कहती हो क्यूं,
कि प्यार न करो,
आँखों को ख्वाब दिखाकर कहती हो क्यूं,
कि ऐतबार  करो,
मेरे दिल में बसती हो तुम,
तुम्हारी हसरत ही सजाता हूँ,
तुमको है खबर सब कुछ फिर भी,
कहती हो प्यार न करो।
-सन्नी कुमार

वो थे सबसे सुनहरे पल..

तुम्हारे साथ बिताए हुए वो पल,
वो थे सबसे सुनहरे पल….

Life iz Amazing

Miss uuतुम्हारे साथ बिताये हुए वो पल,
वो थे सबसे सुनहरे पल…

जब सपनों में तुम थी,
और सामने भी तुम..
जब जिक्र में तुम थी,
जज्बात में भी तुम..
हाँ थे वो सुनहरे पल,
जब पास में तुम थी,
और प्यास भी तुम..

तब मुझमें “मैं” कहाँ था,
बस जी रही थी तुम..
तब मेरा ये जहाँ था,
जब साथ में थी तुम..
जी रहा था जन्नत को जमीं पे,
परी बनके मिली थी तुम..

तुम्हारे साथ बिताये हुए वो पल,
वो थे सबसे सुनहरे पल…

सुबह के धुप में तुम थी,
रात अधेरों में भी तुम..
मेरे अश्कों में तुम थी,
और आशिकी में भी तुम..
दर्द तुमसे था,
दीवानगी में भी तुम..
जी रहा था ख्वाबों को,
जब साथ में थी तुम..

पर जिंदगी अब वो नहीं है,
ना ही साथ में हो तुम..
न दुनिया ख्वाबों की रही,
न चाहत में हो तुम..
दोष किसका दूँ, कहो?

View original post 27 more words

कुछ कदमों तक साथ तो दो..

Another poem by me, written for a very special friend whom i meet over Internet in 2012. Enjoy Reading!!
मत आना साथ मंजिल तक, पर कुछ क़दमों तक साथ तो दो..
मत सजाना मेरी दुनियां तुम, पर एक मीठा याद तो दो..
मत मिलना तुम हकीकत में, पर अपने हसीं ख्वाब तो दो..
मत दो मुझे कोई गम, पर जो भी है तुम्हारे वो बाँट तो लो।

दो पल तेरे साथ चलने से चलना सीख लूँगा, यकीं है..
तेरी यादों से अपनी दुनिया रंगीन कर लूँगा, यकीं है..
ख्वाब तुम्हारे हो तो जिंदगी यूँ ही हसीं हो जायेगी, यकीं है..
तेरे गम बाँट के ही अब मै खुश रहूँगा, यकीं है।

न करो तुम कोई वादा, पर इन्तेजार का हक तो दो..
मत आओ मेरे ख्वाब में, पर उन्हें देखने का हक तो दो..
मत हंसो तुम मेरी बातों से, पर अपने आंसू बाँट तो लो..
मत उलझो मेरी बातों में, पर ये जो भी है उसे सुलझाने का मौक़ा तो दो।

तेरे इन्तेजार में भी जी लूँगा, यकीं है..
तेरे ख्वाबों से हकीकत में रंग बिखेरूँगा, यकीं है..
तेरे आंसुओं को बाँट ही खुश रहूँगा, यकीं है..
तेरी उलझनों को एक दिन सुलझा लूँगा, यकीं है।

मत बांटो तुम हमसे अपने गुजरे हुए दिन, पर खोयी मुस्कराहट का कारण तो दो..
मत सुनो तुम अपने दिल की बात, पर इस दिल में है क्या वो बता तो दो..
दुनिया आपकी दीवानी हो जायेगी, पहुँचने का उनको बस पता तो दो..
होंगी हर ख्वाहिश पूरी, अपनी हसरतों को तुम पंख तो दो।

तेरे मुस्कुरा देने भर से गुल खिल जाएगा, यकीं है..
दिल के सारे अरमान पूरे हों जायेंगे, यकीं है..
खुशियाँ भी अब आपका पता पूछेंगी, यकीं है..
तुम हंस के फिजा में फिर से रंग बिखेरोगी, यकीं है।

-सन्नी कुमार

https://sunnymca.wordpress.com/2012/11/07

सूना है सावन आनेवाला है

sunny-kumarतपिश, तड़पन का दौर है बीत गया,
की दिन मिलन का आनेवाला है,
धरती को फिर से सींचने,
सुना है सावन आने वाला है..
-सन्नी कुमार

Tapish, tadpan ka daur hai beet gya,
Ki din milan ka aanewala hai,
Dharti ko phir se sinchne,
Suna hai saawan aanewala hai…

ख़्वाबों की जरूरत और नहीं..

Missing Herआँखों पे सितम अब और नहीं,
इस दिल पे जुलम अब और नहीं,
जो देखे थे ख्वाब, वो टूट गए,
अब ख़्वाबों की जरूरत और नहीं।।

मौसम था वो मेरा प्यार नहीं,
जो बदला है मेरा यार नहीं,
है बोल मेरे होठों पे उसके,
पर दिल से दिल का मेल नहीं।।

Blog at WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: