Mausam Hai Bigda

Mausam hai bigda,
Thoda mujhe bhi bigad jaane do,
Hai sard se mere sukhe honth,
Inko tumhare hothon sang bhing jaane do,
Jam na jaaye saare khwab tumse door hokar,
Ki aao ab kareeb, jajbaaton ko machal jaane do..
(Dedicated to all Love Birds)
🖊Sunny Kumar

Advertisements

कुछ कदमों तक साथ तो दो..

IMG-20170809-WA0008Another poem by me, written for a very special friend whom i meet over Internet in 2012. Enjoy Reading!!
मत आना साथ मंजिल तक, पर कुछ क़दमों तक साथ तो दो..
मत सजाना मेरी दुनियां तुम, पर एक मीठा याद तो दो..
मत मिलना तुम हकीकत में, पर अपने हसीं ख्वाब तो दो..
मत दो मुझे कोई गम, पर जो भी है तुम्हारे वो बाँट तो लो।

दो पल तेरे साथ चलने से चलना सीख लूँगा, यकीं है..
तेरी यादों से अपनी दुनिया रंगीन कर लूँगा, यकीं है..
ख्वाब तुम्हारे हो तो जिंदगी यूँ ही हसीं हो जायेगी, यकीं है..
तेरे गम बाँट के ही अब मै खुश रहूँगा, यकीं है।

न करो तुम कोई वादा, पर इन्तेजार का हक तो दो..
मत आओ मेरे ख्वाब में, पर उन्हें देखने का हक तो दो..
मत हंसो तुम मेरी बातों से, पर अपने आंसू बाँट तो लो..
मत उलझो मेरी बातों में, पर ये जो भी है उसे सुलझाने का मौक़ा तो दो।

तेरे इन्तेजार में भी जी लूँगा, यकीं है..
तेरे ख्वाबों से हकीकत में रंग बिखेरूँगा, यकीं है..
तेरे आंसुओं को बाँट ही खुश रहूँगा, यकीं है..
तेरी उलझनों को एक दिन सुलझा लूँगा, यकीं है।

मत बांटो तुम हमसे अपने गुजरे हुए दिन, पर खोयी मुस्कराहट का कारण तो दो..
मत सुनो तुम अपने दिल की बात, पर इस दिल में है क्या वो बता तो दो..
दुनिया आपकी दीवानी हो जायेगी, पहुँचने का उनको बस पता तो दो..
होंगी हर ख्वाहिश पूरी, अपनी हसरतों को तुम पंख तो दो।

तेरे मुस्कुरा देने भर से गुल खिल जाएगा, यकीं है..
दिल के सारे अरमान पूरे हों जायेंगे, यकीं है..
खुशियाँ भी अब आपका पता पूछेंगी, यकीं है..
तुम हंस के फिजा में फिर से रंग बिखेरोगी, यकीं है।

-सन्नी कुमार ‘अद्विक’

https://sunnymca.wordpress.com/2012/11/07

एक धुंधली तस्वीर बना रखी है

एक धुंधली तस्वीर बना रखी  है,
उसी को दिल में बसा रखी है,
ख्वाब से हकीकत में उसे लाने को,
हर राह सजा रखी है।

इन आँखों ने उनको न देखा है,
न इन कानो को उनकी मधुरता मालुम,
फिर भी इस दिल ने उनसे,
दोनों की पहचान करा रखी है।

न मालूम  मुझे उनकी अदाएं,
न झेले है अब तक कोई नखरे,
फिर भी ये दिल उनकी खुमारी के,
हसरतें सजा रखी है।

है वो हसीन सावन सी,
शबनम सी वो शीतल,
उसी नूर से  मिलने की,
अब आस लगा रखी है।

-सन्नी कुमार
[एक निवेदन- आपको हमारी रचना कैसी लगी कमेंट करके हमें सूचित करें. धन्यवाद।]

 

🙂 🙂 🙂 🙂 🙂

Create a free website or blog at WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: