वो खूबसूरत खता तुम बनोगी

गर माफ़ हो मेरी एक भी खता,
वो खूबसूरत खता तुम बनोगी..
गर पढ़ ले दुनिया मेरी नजर को,
इस नज़र में तुम ही मिलोगी..
होता है मेरे जुबां पे कई नाम,
पर मेरे दिल में बस तुम बसोगी,
गर माफ हो मेरी एक भी खता,
वो खूबसूरत खता तुम बनोगी….

एहसासों का बादल मुझपे है छाया,
पर मेरी जां सावन तुम ही बनोगी,
धोकर कड़वी यादों की देहरी,
तुम मेरे आंगन को रौशन करोगी,
दिल में हजारों है और भी अरमां,
पर उन अरमानों में तुम ही सजोगी,
गर माफ हो मेरी एक भी खता,
वो खूबसूरत खता तुम बनोगी..

IMG-20170619-WA0023-सन्नी कुमार

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