होना तुम्हारा

Sunny&Preeti1बहुत खास है मेरे लिए,
होना तुम्हारा..
खिलते है जिन ख्वाबों से,
उनमें है आना तुम्हारा.
हूँ हर्षित जिस हकीकत से,
उनमें है जीना तुम्हारा..

लोग पढ़ते है जिसको जान के कविता,
उनमें है बस जिक्र तुम्हारा.
जिंदगी और इसकी कहानी,
है दोनों ही अधूरी,
गर न मिलें इनको साथ तुम्हारा…
-सन्नी कुमार

Bahut khaas hai mere liye,
hona tumhara..
khilte hai jin khwabon se,
unmein hai aana tumhara..
hoon harshit jis haqeeqat se,
unmein hai jeena tumhara….

Log padhte hai jisko jaan ke kavita,
unmein hai bus jikra tumhara,
jindagi aur iski kahaani,
hai dono hi adhoori,
gar na mile inko saath tumhara.
©-Sunny Kumar

[Image credit:- Google Images]
My other random poems hope you like this too 🙂 :-
ऐ सर्द हवा कर थोड़ा रहम
गलती न मेरी थी, न उनकी थी
ये सर्द सुबह है धुंध भरा…
तस्वीर किसान का
काश दीवारों के भी जुबान होते

Create a free website or blog at WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: