मैं मूरख अंग्रेजी पर मरता हूँ

मैं हिंदी का बेटा हूँ,
उर्दू मेरी मासी है,
भोजपुरी भौजाई दाखिल,
बज्जिका मेरी बोली है..
मगही-मैथिली मुझे है चाहने वाले,
अवधी-खरी में जी मैं जंचता हूँ,
पर अपनों की खास कदर नहीं जी,
मैं मूरख अंग्रेजी पे मरता हूँ…
©सन्नी कुमार

Blog at WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: