Why there is Muhammad in JeM

कुछ मासूम है मुल्क में जो पाकिस्तान को सरहद के उस तरफ समझते है, सच को समझिए पाकिस्तान मुल्क कम एक जाहिल सोंच है जो हमारे भारत में भी हजारों जगह पलता है, आस पास में ही लोगों के वक्तव्यों पर गौर फरमाइए पाएंगे सर्जीकल स्ट्राइक की पीड़ा इनलोगों ने भी महसूस की है, यह सोंच ही हमारे मुल्क का दुश्मन है और चिंता इस बात की है कि इस सोंच को रोकने के लिए इलेक्ट्रिक फेंसिंग नहीं कर सकते। यह पाकिस्तानी(जिहादी) सोंच अफ़ग़ान में भी है, इराक में भी सीरिया में भी, फ्रांस में भी और हमारे हिंदुस्तान में भी जिसने इस पूरे विश्व को खंडित रक्तरंजित करने का साजिश रचा हुआ है।
मैं किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचाते हुए पूछ सकता हूँ क्या कि ये जैश ए मोहम्मद नाम, जमात ए इस्लाम, ISIS की जरूरत क्यों? क्या ये साम्प्रदायिक संघठन है या मुहम्मद जी का प्रचार करती है? नहीं न! फिर तमाम आतंकी संघठनो का नाम ऐसे रख किसी सम्प्रदाय को क्यों बदनाम किया जाता है? क्या इसमें भी किसी और की साज़िश है?

कब तक हम आंख बंद करके ऑल इज़ वेल कहते रहेंगे और ख़ुद को सच से दूर रखेंगे? आज ये तमाम आतंकी संगठन किसी मुल्क के लिए नहीं, किसी मानवता या मुहम्मद के प्रचार के लिए नहीं बल्कि खुद का खौफ बेच कर अपनी सत्ता को बढ़ाना चाहते है और इनके शिकार न सिर्फ मुम्बईकर या पुणेकर होते है बल्कि इनकी जाहिलियत से पेशावर और करांची भी कांपता है, युद्ध के साथ साथ अब इनकी आर्थिक नसबंदी भी जरूरी है, आप एक जागरूक खरीददार बनिये और जाने-अनजाने ऐसे किसी पाक प्रेमी से अपने कफन खुद मत खरीदिये। हाँ खुद भी शसक्त बनिये, खून आपमें भी है, खौलने दीजिये। जय हिंद जय भारत।
सन्नी कुमार ‘अद्विक’

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