क्या रेपिस्ट भी नाबालिग होता है?

बहुत से लोगों ने कोर्ट के फैसलों को स्वीकार किया है, करना भी चाहिए पर फिर उनकी ये दलील की दोषी नाबालिग था इसीलिए छोड़ा जाना चाहिए, एकदम असंवेदनशील है. सुना है इस देश में मुसलमानों के पर्सनल लॉ बोर्ड भी है तो क्या उस तरफ केस कर देने से इस अफरोज को सजा मिल सकती है या उस बोर्ड का काम बस तलाक दिलवाना भर है?? वैसे हो सकता है की बुद्धिजीवियों के तर्क का आधार उनमे अधिक ज्ञान का हो जाना हो जिस कारण वो दिमाग को दिल पे हुकूमत करने वाले ज़ोन में ले गये हो पर मुझे कोई भी रेपिस्ट नाबालिग नहीं लगता और उम्मीद करता हूँ की राज्य सभा के मेंबर, जिन्हें सीधे तौर पे जनता नहीं चुनती, जो पिछले दरवाजे से संसद तक पहुंचते है और जिनमे सचिन तेंदुलकर जैसों का नाम होता है जो कभी संसद जाते भी नही, ऐसे नक्कारे लोग जन भावनाओं को समझते हुए एक ढंग का कानून लाएंगे जो लोगों को कानूनसंगत जीने के लिए प्रेरित करे वरना अबतक तो कानून खुद असहज है और बलहीन बाहुबली का टैग लिये फिर रहा…
बाकी एक और नाबालिग छोरी जो अमनपसंद कौम की है ISIS की राह पे चलने वाली थी पर बचा ली गयी है, और उसको भी केजरीवाल सरकार और NGO नेटवर्क से नाबालिगों वाली दयादृष्टी का इन्तेजार है, आखिर वो भी अमनपसंद और देशविरोधी सोंच लिए घूम रही….
असहिष्णु सन्नी

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मैं शर्मिंदा हूँ

वह गरीब की बेटी थी और शर्म इस बात का है की जीते जी सुरक्षित न रख पाने वाला कानून उसके मरने के बाद भी उसको इंसाफ न दे पाया. अब बारी परिवार की है, समाज की है…आंसुओं से कुछ नहीं होगा, बुराई चरम पर है, कायर मत बनो, सीख दो, सम्भाल लो समाज को, सही सन्देश दो..गीदर को पीट पिट कर मार देते है और जबतक मार नहीं पाते है इसको हर रोज मारते है.. इसकी फोटों चिपकाओ, इस हरामी की जो भी मदद करें उसका बहिष्कार करो… अगर नहीं करोगे तो अगली निर्भया तुम्हारी बेटी हो यही प्रार्थना यही श्राप.. दिल्लीवालों कह दो की साथ हो और शर्मिंदा भी…

क्या देश में कानून है?

क्या इस देश में कानून है? अगर है तो कहाँ?? अपने को तो कानून नहीं दीखता. साला बिना हेलमेट निकलो तो ये पकड़ते है, थोडा डांट डपट सुनते और फिर 50 रूपये देकर सब सेट कर लेते है.. अपन छोट मोट सेटिंग करते है तो सलमान, संजय, लालू टाइप लोग बड़े मामले सेट कर लेते है, मेरा मतलब अगर जेब में रुपया है तो सब सेट होगा,,, कोई कानून नहीं है देश में अगर है भी तो अनुशासित लोगों के लिए, कानून बकड़ियों के लिए है गीदरों के लिए तो कानून ही नहीं है, वो निर्भया का दोषी, हरामी एक दो दिन में छूटेगा और हम साले कैंडल जलायेंगे, फ़ोटो अपडेट करेंगे, पोस्ट करेंगे…इस देश का कानून दोषी को बचाने के लिए रात के 2 बजे उठ कर आखिरी कोशिस करता है पर किसी दोषी को सजा देने से पहले ये खुद काँपता है..
मालूम नहीं सुब्रमण्यम स्वामीजी को क्या मजा आ रहा है की वो निरर्थक कोशिशे कर रहे है, अरे भई ठीक है आपने 2G घोटाले को उजागर किया पर क्या हुआ? कुछ ले दे के सब सेट कर लीजिये क्या फ़ालतू में लोगों का और अपना टाइम खराब कर रहे?? जो लालू सर्वघोसित चोर है वो बाहर मजे ले रहा, राजा, कलमाड़ी, कनिमोझी, पूरा व्यापम घोटालेबाज सब ससुरे बाहर है और अब जब ये छोटकू लोग कानून के जाल को काट लेते है तो ये माँ-बेटे दोनों मगरमच्छ है पूरा जाल ले के ही उड़ लेंगे…..
सो दोस्तों सक्षम बनो, पैसे बनाओ कभी जरूरत हो तो सब सेट भी तो करोगे…बाकी देश में खासकर न्याय व्यवस्था में कुछ भी कभी ठीक न था…

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