मेरी जाति

बिहार में जातिवाद आज भी है और अक्सर लोग पूछ लेते है आपकी जाती क्या है? यह छोटा सा जवाब उन्ही लोगो के लिए है…
जब मैं बच्चो के साथ होता हूँ, उन्हें कुछ सीखा रहा होता हूँ मैं ब्राह्मण होता हूँ, खेत में डनेर पर खड़ा होकर जब मजदूरों से काम लेता हूँ मैं भूमिहार होता हूँ, जब किसी म्लेच्छ को उसकी औक़ात बता रहा होता हूँ, गुस्से में होता हूँ मैं क्षत्रीय होता हूँ, अपने दफ्तर में मुस्कुराता हुआ चेहरा लिए जब मैं व्यापर की बात करता हूँ मैं वैश्य होता हूँ और जब झाड़ू लेकर सड़क की सफाई करता हूँ या कोई और सेवा कर रहा होता हूँ मैं शुद्र होता हूँ। हर पल हर काम में मैं हिन्दू होता हूँ, यही मेरी जात है 🙂

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