उनके इकरार की बातें

उनके साथ जो गुज़ारे, उस शाम की बातें,
वो निश्छल-निगोड़ी, इज़हार-ए-इश्क की बातें,
आज मौसम ने फिर बहाई है जो मिलन की बहार,
तो याद आईं हमें, उनके इकरार की बातें।

वो जो साथ थी मेरे, उनके यकीन की बातें,
वो जो उतर गई साँसों में, उस एहसास की बातें,
आज शहर में फिर मन रहा है जो इश्क का त्योहार,
तो याद आई हमें, उनके इकरार की बातें।

थी बहुत खास जो उस हंसी रात की बातें,
जलन चाँद को जिससे उस बेदाग की बातें,
आज फिर इश्क ने जो है दुनिया को संवारा,
तो याद आई हमें, उनकी कही-अनकहीं बातें।

उनके साथ जो गुज़ारे, उस शाम की बातें,
वो निश्छल-निगोड़ी, इज़हार-ए-इश्क की बातें,
आज मौसम ने फिर बहाई है जो मिलन की बहार,
तो याद आईं हमें, उनके इकरार की बातें।
-सन्नी कुमार

Advertisements

Create a free website or blog at WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: