थू है ऐसी राजनीती पे

थू है ऐसी राजनीती पर जहां अपनों को ही छला जाता हो,
नीचता की सारी सीमाएं तोड़, जो जननेता कहलाता हो।

थू है ऐसी राजनीती पे जहां कोई आम होने का स्वांग रचाता हो,
मानवता से गद्दारी कर जो नए ढर्रे का नेता कहाता हो।

थू है ऐसी राजनीती पे जो झूठी कसमें दिलवाता हो,
अपने बीबीे-बच्चों से ज्यादा जहां कुर्सी का मोह लुभाता हो|

थू है ऐसी राजनीती पे जो नौटंकी बस सीखलाता हो,
थू है ऐसे राजनेता पर जो खुजलीवाल कहाता हो।।
-सन्नी कुमार

अगर मेरे शब्द बुरे लगे है किसी आपिये को तो लगे, उनपे आज वाक़ई थूकने का मन कर रहा है, कैसे निर्लज्ज लोग थे वहां, कैसी बेशर्म सोच थी, किस तरह की राजनीती करना चाहते आप इस देश में?? सोचिये, क्या आपको घृणा नहीं होती, वहां मौजूद लोगों को कायर कहूँ, बेशर्म कहूं, हत्यारा कहूँ या कुछ और?? कुछ नहीं कहता बस थूकता हूँ ऐसे घटिया लोगों की राजनीती पर।

निवेदन- अगर आप बुरे समय से गुजर रहे है तो यकीन रखे दिन बदलेगा, आप। थोडा और प्रयास करे, यकीन खुद पर और ईश्वर पर करें औरों से उम्मीद कभी नही, समर्थ बने सक्षम बनें।

ईश्वर गजेन्द्र की आत्मा को शांति दे।

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अनैतिक पार्टी

खुजलीवाल के न तो बंदरों का पता चल रहा, न मफलर मैन और स्टिंगमैन में दुश्मनी का कारन, दिल्ली की मुफ्तखोर जनता और स्वराज का चों चों पों पों करने वाले नौटंकीबाज समाजसेवी सब सुन्न है। सुतियों तुम्हें भी इतिहास में जगह मिलेगी, पता नही क्या कहे जाओगे, करप्शन की औलाद या मौकापरस्तों की मण्डली या फिर फोर्ड का स्पोंसर्र्ड टेस्ट ट्यूब बेबी। इन्तेजार है नौटंकीबाजों के अगले नाटक का, खैर फिर से गर्मी आ गयी है मफलर उतार ले और मुफ़्त पानी बिजली का लुत्फ़ लें।
#अनैतिक आदमी की पार्टी

है दिल्ली से अनुरोध

है दिल्ली से अनुरोध,
करे ‘आ.आ.पा’ का विरोध..
ये पार्टी सस्ती फिल्मों से प्रभावित है,
कोई विचार नहीं अनुमोदित है,
कश्मीर है जिनको पृथक मंजूर,
नक्सलियों से न रह सके हो दूर,
चंदा जिनका हो पाक से आता,
कहो आपसे इनका कैसे संभव है नाता?

करता हूँ दुबारा अनुरोध,
दिल्ली करते रहो आप का विरोध.
इनका एक ही चेहरा, जो बड़ा विशेष है,
सूना है इस शर्दी वह धारे फिर नया भेष है,
पर मैंने तब उसको गर्मी में देखा था,
उम्मीद मैंने भी कभी उसमें देखा था,
पर दिल टूटा जब गुरु को तोड़ा,
फिर बिन पूछे उसने गद्दी भी छोड़ा..

कहो दिल्ली कैसे करोगे उम्मीद,
की वो कहकर हर बार पलट जाता है,
कभी कहे वो मैं न लडू चुनाव,
कभी कहे मैं आवास न लूँ,
कभी कहे बनारस न छोडू,
कभी कहे मैं ही हूँ ‘आम’
बस कहना है उसको और फिर पलट है जाना,
कोई उससे जो पूछे फिर शोर मचाना..

दल का नाम आम आदमी पर,
नखरे सारे ख़ास,
महत्वाकांक्षियों की भीड़ जुटाकर,
करते मिलकर सब रास.
लोगों के थाल से जहाँ दाल है गायब,
संग इनके खाने में आफत है,
झोली में रखने होते है २० हज़ार,
क्या आप ये साहस रखते है..

हे दिल्ली तुमसे अनुरोध,
ठोक बजाकर इस बार चुनना,
न किस्सों ने दलीलों में फँसना,
क्युकी आरोप लगाकर शांत था ‘आप’,
जब गद्दी मिली सब मुफ्त कराया,
और फिर गद्दी छोड़ सबको भरमाया,
अब और मत इनसे उम्मीदें पालों,
जो सर पर हो थामे झाड़ू को,
उनके मत का स्टार जानो,
हो जनता तुम फैसला को,
मुझसे पूछो झाड़ू को हाथों में पकड़ा दो.
पर इनको अभी बिलकुल भी वोट न दो.
-सन्नी कुमार

[I am against AAP not only because i am a big fan fan of Modi but also i wasted my 2011-2012 without any self interest and then realize Kejriwal and Gang was doing a good politics and made fun of a cause. I believe in Narendra Modi and Keep Praying for His Team. He sounds optimistic and visionary. Even AAP’s official website has praised Modi by posting a pic saying “Delhi Says Modi for PM Kejro for CM” if they accpet this then what the hell his hero, Mr. Mufflerman was doing in Varanasi and why he left varanasi now??]

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