किसी की मृत्यु पर क्या प्रार्थना करे?

हिंदु धर्म पुनर्जन्म में विश्वास रखती है और मैं परिवर्तन में और ये परिवर्तन पुनर्जन्म ही है समझना थोड़ा मुश्किल है पर समझा जा सकता है, अगर बिलीफ, लॉजिक और मैजिक की खिचड़ी बनाये एकदम कांग्रेस और जेडीएस की तरह…I mean येन-केन-प्रकारेण 😉
खैर अपन यह कह रहे थे कि आप ये जो किसी की भी मृत्यु पर उसकी आत्मा के लिए शांति मांगते है या RIP लिखते है वो जायज है अगर आप अब्राहमिक रिलीजन मानते जहां पुनर्जन्म और परिवर्तन नहीं है पर सनातन में पुनर्जन्म की थ्योरी मौजूद है और परिवर्तन भी, अतः अगर आप सनातनी है तो निवेदन है कि दिवंगत आत्मा की सद्गति मांगे शांति नहीं।
पोस्ट नीरव मोदी को समर्पित, मतलब मेरे मोदी विदेश से भारत आ जाओ कोई कुछ नहीं कहेगा 😉
श्री श्री(रविशंकर नहीं)

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बड़बोले मत बनिये!

गोलू शरीर से बड़ा था तो मोलू को हमेशा कम आंकता था, वहीं दूसरी ओर मोलू बहुत परिश्रमी था और गोलू को नजरअंदाज करता था। कल की ही बात है जब मोलू ने GPL में 52 रन ठोक दिए वो भी मात्र 23 गेंदों मे पर कप्तान गोलू उससे नाराज रहा और बदले उसकी सराहना करने के उसने सुना दिया ‘कि यार मोलू तुमने 5-7 गेंदे डॉट कर दी वरना और बेहतर मैच बनता’।
मोलू सा हाल ही उस भोली का भी है जो अपने दफ्तर में खूब काम करने के बाद भी सुनती है, और ये सुनना FM सुनने की तरह सुरीला नहीं होता। आज ही कि बात है उसके घण्टों के काम को किसी आरामपसंद बड़बोले ने मिनट भर का बता उसे कम आंक दिया पर आज तो मानो भोली भोली न थी कोई अंजना ॐ कश्यम थी जिसने तराक से पूछ लिया कि महाराज यूं तो दिल्ली एक घण्टे में जाया जा सकता पर क्या आप हेलीकॉप्टर उपलब्ध करा सकते है? मतलब ये कि अगर data सही होगा तभी information सटीक मांगेंगे आप, खेत में गुल्ली डंडा देकर कोहली बन जाऊं ऐसी डिमांड क्यों रखते है….?

मैं उनसा होना चाहता हूं

कुछ लोग मेरी मजबूरी है,
कुछ लोगों की मैं मजबूरी हूँ,
कुछ हुए अब तक मजबूर नहीं,
मैं उनसा होना चाहता हूँ…

कुछ को शोर शराबे की आदत,
कुछ चापलूसी के नायक है,
कुछ बचे है अब भी कर्मों के सिपाही,
मिल जिनसे रोज मैं सीखता हूँ।

कुछ बातों के अधिनायक है,
कुछ चुप्पी के महासागर है,
कुछ कर्मपथ के शांत सरोवर,
मैं जिनको लिखना चाहता हूं।

कुछ लोग मेरी मजबूरी है,
कुछ लोगों की मैं मजबूरी हूँ,
कुछ हुए अब तक मजबूर नहीं,
मैं उनसा होना चाहता हूँ…
©सन्नी कुमार

हुनर में खास क्या रखा है

भावनाओं को समझिए तस्वीर में क्या रखा है,
यहां रोज चखते है मूर्ख सफलता का स्वाद लेकर आरक्षण की सीढ़ियां,
फिर हुनर में खास क्या रखा है?

यहां भारत बंद कराने की राजनीति ही होती आई है सालों से,
फिर गरीबी से लड़ाई में क्या रखा है?
सरकारी खर्चे पे रिसर्च करने वाला गरीबी से कुछ यूं लड़ता है,
खुद इंडस्ट्री लगा नहीं सकता शायद तभी पूछता है कि औरों ने कैसे लगा रखा है?

©सन्नी कुमार

बुद्धिपिशाच

धूप से ही सही,
कुछ बाल पक जाने दो।
हर महीने जो मिल लेता हूँ नाई से,
ये गलत आदत बस छूट जाने दो।
फिर तो आदमी मैं भी बुद्धिपिशाच दिखूंगा,
बस एकाध नीलाम हुए तमग़ा मिल जाने दो।
-सन्नी कुमार

भोजपुरी गानों की नंगई

भोजपुरी एक शानदार भाषा है जिसकी ठेठी में अपनापन है, जिसके डायलॉग्स में कॉन्फिडेंस और बेजोड़ नयापन होता है पर इसको अनपढ़ जाहिलों की भीड़ ने जो खुद को भोजपुरी कलाकार कहते है ने बदनाम कर दिया है। चिढ़ और चिंता दोनों है कि भोजपुरी फिल्मों के गाने नंगई की सारी हदें पार करती होती है और बावजूद शादियों में, ऑटो में, होली जैसे त्योहारों में आसपड़ोस यही सुनने को मिलता है। पूछ सकता हूँ कि ऐसे पिछड़ों का इलाज क्या है? क्या सरकार इन्हें आरक्षण के तहत शारदा सिन्हा जी के कैसेट्स उपलब्ध कराए? क्या बिहार सरकार ने ऐसा कोई बोर्ड बनाया भी है जो इन लिच्चड़ों से निपटे?
खैर आप सब से बस यही रिक्वेस्ट है कि शादी और त्योहारों में भोजपुरी के गंदे गाने न सुने और जो सुनते हो उनको आईना दे। अपन ऐसा कर चुके है और अब मेरे पड़ोस में आजकल बागबान के गाने बजते है जबकि पहले ऐसा बिल्कुल न था सो आप भी अगर कहीं भोजपुरी के वाहियात गाने सुने तो बंद कराने की सफल कोशिश करे। बाकी सब जय जय होली की अग्रिम शुभकामनाएं।

शांति की खोज में दुनिया

अब शांति की लहर यमन में फैली है, शिया-सुन्नी के खेल में कल दो मस्जिदें टूट गयी और १६० से अधिक लोग मारे गए. खबर है की सऊदी अरबम अन्य १० खाड़ी देशो के साथ मिलकर यमन के विद्रोहियों से लड़ेगी और वर्तमान हादी सरकार को बचाएगी…. इन युद्धों का धर्म से कोई मतलब नहीं पर जो टूटा वो मस्जिद थी जिसे जानबूझकर तोडा गया जब शिया नमाज पढ़ रहे थे..तो ऐसे फैलती है शांति, क्युकी लाशें आवाज नहीं करती, और जब मेहनत किया है तो हूर जन्नत में क्यूँ यहीं बलात्कार कर के सब पायेंगे….. शर्म है पर धर्म है.
खैर हम भारत में है और यहाँ अभी शांति नहीं आयी है और यहाँ हम एक दुसरे के साथ खूब लड़ रहे है, क्यूंकि यहाँ अब भी बूत पूजने वाले बेवकूफ बाहुल्य है और जीद में है की शांति नहीं फैलने देंगे…

मुफ्तखोर दिल्ली?

MufflerMan Promises
MufflerMan Promises

पिछले शर्दी भागा था जो,
उसी को है जितवाया फिर से,
दिल्ली की जनता बड़ी है न्यारी,
सस्ते को स्वीकारा उसने??

किसी को चाहिए थी दो बाल्टी पानी,
कोई था बिजली बिल से परेशांन,
कुछ दीवाने इन्टरनेट के थे,
और कुछ अवला सुरक्षा से परेशान.
सो चुन लिया है सबने मिलकर,
आम आदमी की सरकार.

अब लगेंगे १५ लाख कैमरे,
होगी कमांडो हर बस में तैनात,
सस्ती बिजली, सस्ता खाना,
जी हो गया देखो दिल्ली आसान.

Fastest U-Turn
Fastest U-Turn

देखो आप है कितनी जनप्रेमी,
बटला को फिर से उधेरेगी,
मोहन चन्द्र की शहादत को,
अब दिल्ली शक की नजरों से देखेगी.
मिला फतवों से जो वोट था,
अब उसका भी कर्ज उतरता देखेगी.

कुछ और नहीं बस जानना था इतना,
किस बात को ये जनादेश मिला,
क्या वाकई मोदी का काम नहीं,
या दिल्ली तू मुफ्तखोर हुआ??
-सन्नी कुमार

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Kejriwal’s Most Ambitious Promises During Election

  • Free 700 litres of water to every household
  • Electricity bills will be halved
  • 500 new schools, 20 new colleges
  • Free Wi-Fi throughout Delhi
  • 1500000 CCTV Cameras will be installed
  • To Legislate Swaraj Act
  • Full Statehood for Delhi
  • Delhi, A Solar City
  • Jan Lopal is parties priority

To get AAP manifesto you can click here.

It is impossible to execute every promises but if Kejriwal done half of his job, i would say he is different but the way their fastest U-Turn came from Mr. Sanjay Singh i doubt. Till then for me he is the same person who don’t know how to use broom, the escaper.

Delhi have MufflerMan. Cheers!!

[Note- Images are copied and adjectives like mufflerman is used for Shri Arvind Kejriwal, Saviour of Delhi. If it hurts someone, please let me know.  ]

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