शांति की खोज में दुनिया

अब शांति की लहर यमन में फैली है, शिया-सुन्नी के खेल में कल दो मस्जिदें टूट गयी और १६० से अधिक लोग मारे गए. खबर है की सऊदी अरबम अन्य १० खाड़ी देशो के साथ मिलकर यमन के विद्रोहियों से लड़ेगी और वर्तमान हादी सरकार को बचाएगी…. इन युद्धों का धर्म से कोई मतलब नहीं पर जो टूटा वो मस्जिद थी जिसे जानबूझकर तोडा गया जब शिया नमाज पढ़ रहे थे..तो ऐसे फैलती है शांति, क्युकी लाशें आवाज नहीं करती, और जब मेहनत किया है तो हूर जन्नत में क्यूँ यहीं बलात्कार कर के सब पायेंगे….. शर्म है पर धर्म है.
खैर हम भारत में है और यहाँ अभी शांति नहीं आयी है और यहाँ हम एक दुसरे के साथ खूब लड़ रहे है, क्यूंकि यहाँ अब भी बूत पूजने वाले बेवकूफ बाहुल्य है और जीद में है की शांति नहीं फैलने देंगे…

मुफ्तखोर दिल्ली?

MufflerMan Promises
MufflerMan Promises

पिछले शर्दी भागा था जो,
उसी को है जितवाया फिर से,
दिल्ली की जनता बड़ी है न्यारी,
सस्ते को स्वीकारा उसने??

किसी को चाहिए थी दो बाल्टी पानी,
कोई था बिजली बिल से परेशांन,
कुछ दीवाने इन्टरनेट के थे,
और कुछ अवला सुरक्षा से परेशान.
सो चुन लिया है सबने मिलकर,
आम आदमी की सरकार.

अब लगेंगे १५ लाख कैमरे,
होगी कमांडो हर बस में तैनात,
सस्ती बिजली, सस्ता खाना,
जी हो गया देखो दिल्ली आसान.

Fastest U-Turn
Fastest U-Turn

देखो आप है कितनी जनप्रेमी,
बटला को फिर से उधेरेगी,
मोहन चन्द्र की शहादत को,
अब दिल्ली शक की नजरों से देखेगी.
मिला फतवों से जो वोट था,
अब उसका भी कर्ज उतरता देखेगी.

कुछ और नहीं बस जानना था इतना,
किस बात को ये जनादेश मिला,
क्या वाकई मोदी का काम नहीं,
या दिल्ली तू मुफ्तखोर हुआ??
-सन्नी कुमार

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Kejriwal’s Most Ambitious Promises During Election

  • Free 700 litres of water to every household
  • Electricity bills will be halved
  • 500 new schools, 20 new colleges
  • Free Wi-Fi throughout Delhi
  • 1500000 CCTV Cameras will be installed
  • To Legislate Swaraj Act
  • Full Statehood for Delhi
  • Delhi, A Solar City
  • Jan Lopal is parties priority

To get AAP manifesto you can click here.

It is impossible to execute every promises but if Kejriwal done half of his job, i would say he is different but the way their fastest U-Turn came from Mr. Sanjay Singh i doubt. Till then for me he is the same person who don’t know how to use broom, the escaper.

Delhi have MufflerMan. Cheers!!

[Note- Images are copied and adjectives like mufflerman is used for Shri Arvind Kejriwal, Saviour of Delhi. If it hurts someone, please let me know.  ]

फेंकू तो बस झूठा था

I congratulate Arvind Kejriwal and his intellectual team which has not just promised something nearer to impossible but also get succeed to capitalise vote on their 70 points agenda. Delhites, and other parties like CPI, TMC, JDU, RJD and may be congress have supported them, and it was something more than they expected. To AAAtards, You people are created history once again and I pray this time you won’t run away. Here is my observation on Delhi Election on base of talk with my friends, hope you get things in right way.

जब गया पूछने लोगों से,
क्यों बेदी को हरवाया है?
लगने कहे सब घेर के यार,
बेदी कहां, मोदी को हमने हराया है,
15 लाख नही है आये,
सो हमने यह जनादेश सुनाया है।

फिर कहने लगे,
फेंकू बस झूठी बातें करता है,
बस बाँटने की नियत रखता है,
काशी में करता वो गंगा आरती,
और नवराते में मेक इन इंडिया की शुरुआत,
आप कहो जी क्या नही यह सांप्रदायिक बात?

टीका वो खूब लगाता है,
पर टोपी से घबराता है,
फिर क्यों उम्मीद उसको हमसे,
की वो तो चादर भी नही चढ़ाता है?

छोडो जी ये सब है फसाद की बातें,
हम है एक अमन पसंद कौम,
अरविन्द हमारा, हम सा है,
सो हमको अब झाड़ू पसंद,
बेदीजी, भी ठीक ही थी,
पर ठहरे जी हम दिन(धर्म) के लोग,
इमाम की बातें मानी हमने,
सो बटन दबाया झाड़ू को।

स्वराज से हमको क्या मतलब जी,
बस हमको बटला का इन्साफ मिलें,
अरविन्द को टोपी पहनाया हैं,
बस अब उसको ईमान मिले।

हम गए जो समझाने मोदी प्रयास,
उनको कुछ भी समझ न आया,
कहने लगे मुस्लिम निर्दोष,
उनको अब केजरी से उम्मीद,
बटला की जाँच करायेगा,
वो सच्चा बेटा हिन्द का,
सबतक न्याय पहुंचाएगा।

समझ गए ताऊ को हम,
और अरविन्द से इनकी उम्मीदों को,
पर ये इनकी थी अभी आगे चलतेे है,
क्यूँ हारी बेदी औरों से भी जानतेे है।

अब मिले जिनसे वो मुलाजिम सरकारी,
पूछते ही टूट परे हम पर,
कहने लगे फेंकू है झुठा,
बस काम काम ही करता है,
भत्ता कुछ है बढ़ाया नही,
और समय से आने की नसीहत देता है,
जी वो ठहरा अम्बानी का मित्र,
पर हमें सब दफ्तर से ही मिलना है,
रोके रखा है तनख्वाहों की वृद्धि,
मर रहे है हम उसको नही जी एहसास है।

इनकी पीड़ा समझी हमने,
समझेंगे अब मोदी भी,
राष्ट्रहित की बात नहीं जी,
जरुरी है मक्कारी भी।

शाम को जब जी पार्क गया,
मिल गए कुछ क्रन्तिकारी युवा,
चुनाव का ही था जी बहस छिड़ा,
समझा रहे थे क्यों जीती आप।
गिनवा रहे थे केजरी की डिग्री,
और उनकी उपलब्धि तमाम,
कोई बोल रहा था भगोड़ा उसको,
सब समझाने लगे वो गलती थी,
फिर हमने उनकी उम्मीदों को,
कहे की अब 20 कॉलेज, 500 स्कूल,
और फ्री में wifi आएगा,
जी फेंकू तो बस झूठा था,
अरविन्द स्वराज को लाएगा।

समझ गए युवाओं की शक्ति,
इनको केजरी ने खूब संभाला था,
देश से बड़ा आपियों का बजट,
और इसमें सबको भरमाया था,

अभी पार्क से निकलने को थे,
भुजा वाले से भी थोड़ी गपशप हुयी,
भुजा उनका जी रोज सा था,
पर जी व्यवहार थोडा बदला था,
अरविन्द के जीत की ख़ुशी,
उनके ललाट पर छाया था।
पूछे भैया वोट दिया था,
तपाक बोले “जी झाड़ू को”
पूछे क्यों नही वोट बेदी को,
बेदी क्या देती जी आप कहो,
अरविन्द सस्ता भोजन पानी देगा,
गरीबों का है हमदर्द वो,
दिल्ली में स्वराज ला देगा।

समझ लिए इनकी भी हसरत,
केजरी ने इनको भी खूब लुभाया था,
मुफ़्त पानी की प्रीत में,
उसने दिल्ली को बहाया था।

लौट रहे थे घर को जब,
बस में कुछ लोग मिलें,
नियोजन से पक्की नौकरी का,
इनको भी है विस्वास मिला,
आप के मफलर मैन को,
सबसे है सम्मान मिला?

घर जब पहुंचे,
बहुत विचारा,
क्यों बेदी दिल्ली हारी है,
क्यों भगोड़ा केजरी जीता है,
क्या वाक़ई स्वराज आ जायेगी,
या फिर चापलूसों की सरकार बनेगी,
ख़त्म हो रहा कांग्रेस अब जब,
क्या आप उनका जनाधार संभालेगी?
समझ नही आता अब राजनीती,
न मुफ्तखोरी से राष्ट्रनीति,
कहीं जूसर, लैपटॉप बटता है,
दिल्ली ठहरी बड़ी विशेस,
यहाँ अलग अलग पॅकेज मिलता है।

खबरें बस केजरी के जीत की,
पर बेदी भी तो हारी थी,
सुना। उनसे अपनों को ही गुरेज़,
पर दिल्ली स्वक्ष छवि जी चाहती थी,
कल तक बेदी सी सबको बेटी थी चाहिए,
पर आज उसी को हराया था,
35 वर्षो के अनुभव को,
पानी के प्रीत में बहाया था?
-सन्नी कुमार

Neither AAP manifesto nor Delhites were caring for Lokpal this time, People just want peace, relaxed life and yes cheaper products, electricity, water n Wi-Fi for free.

अरविन्द स्वराज को लाएगा

image

कह रही दिल्ली या मुफ्तखोर जनता,
मोदी तो बस फेंकू था,
अरविन्द अब जाएगा,
सच्ची स्वराज को लाएगा।

पानी, बिजली, राशन सस्ता,
महिला कमांडो बस में बिठाएगा,
दिल्ली को जी शिक्षा की जरूरत,
वो 20 कॉलेज, 500 स्कूल नए बनवायेगा।

दिल्ली रहे सुरक्षित इस खातिर,
अरविन्द 15लाख कैमरे लगवाएगा,
सहयोग गर न मिला केंद्र से अगर,
वो दुबई से भी चन्दा मंगवायेगा।

फिर से कसम खायी है उसने,
इस बार नहीं वो भागेगा,
मोदी तो जी फेंकू था,
अरविन्द सच्ची स्वराज को लाएगा।

Clarification- I stand with our honorable PM shri Narendra Modi who is working hard and serving this nation as a mother. I support him in every possible way without any self interest. I congratulate Mr. Kejriwal for this historical win and prays for him and believe he will give his best and make Delhi a city of people instead buildings.

तेरा फतवा

इंसानियत मर रही है रोज पर कोई फतवा नहीं आया,
कोकराझर टूटा, मुजफ्फरनगर लूटा पर फतवा नही आया,
भ्रस्टाचार के खिलाफ जंग में भी तेरा फतवा नहीं आया,
बह गया कश्मीर, ठण्ड में शिकुर रहे थे लोग पर फतवा नहीं आया,
पर जब भी करना था चुनाव नाम तुम्हारे फतवा आया,
बेमतलब था जो मेरे लिए उसमें क्यूँ तेरा मतलब आया….?
-सन्नी कुमार

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