प्यार न करो

प्यार जगा कर कहती हो क्यूं,
कि प्यार न करो,
आँखों को ख्वाब दिखाकर कहती हो क्यूं,
कि ऐतबार न करो,
मेरे दिल में बसती हो तुम,
तुम्हारी हसरतें सजाता हूँ,
तुमको है खबर सबकुछ फिर भी,
कहती हो क्यूं कि प्यार न करो।
-सन्नी कुमार

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8 thoughts on “प्यार न करो

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  1. बहुत ही अच्छा लिखा है। एक बात पूछना चाहती हूं क्या ये रियल पिक है। मैं पहले लगाती थी तो सब मना करते हैं कि गूगल पर स्टोर होता है। फिर वर्डप्रेस है तो देश विदेश सब देखता है। और इसे कहीं भी यूज कर लगाया जा सकता है। क्या ये सही है आप को जानकारी हो तो हमें भी बताएं।

    1. Mujhe padhne ke liye shukriya. Ye pic real hai, aur ye bhi sahi hai Ki ye pic WordPress k database me save rahega aur chuki post public hai to pic bhi public rahega, I mean google se search kiya ja sakta, aur koi b kahin b lagaa sakta

  2. बहुत बढ़िया लिखा है—
    प्यार जगा कर कहती हो क्यूं,
    कि प्यार न करो,
    रहकर दिल में कहती क्यूँ,
    दीदार ना करो,
    पलकों पर रखा है मैंने,
    तुमको ये सनम,
    पत्थर दिल बन कहती क्यूँ,
    ऐतवार ना करो।

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