मैं सदा रहूँ तुम्हारे साथ.

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हर पल हर मौसम,
मै रहूँ तुम्हारे पास,
कहती है ख्वाहिश मेरी,
मैं सदा रहूँ तुम्हारे साथ.

सूबह कि लाली धुप में,
हम हो धुप सेंकते साथ,
दिन भर तुम संग खेलूं मै,
थामे रहूँ तुम्हारा हाथ.
रात तुम्हें बाहों में रखकर,
तुम्हें सुलाउं अपने पास.

है सर्दी का मौसम अब जब,
बाहों में तुमहें समां लूँ,
सीत तुमको सिहरा न पाये,
ऐसे सीने से तुम्हें लगा लूँ।

जब मौसम बहारों का आये,
तुझपे फाल्गुन के रंग चढ़ाऊँ,
हूँ तुम्हारे ही रंगो में रंगा,
पूरी दुनिया को बतलाऊँ।

हर पल हर मौसम,
मै रहूँ तुम्हारे पास,
कहती है ख्वाहिश मेरी,
मैं सदा रहूँ तुम्हारे साथ.

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