गांधी और अम्बेडकर

गांधी और अम्बेडकर दोनों ने वंचितों के लिए आवाज उठायी, गांधी अफ्रीका में कालों के अधिकार के लिए लड़े, समानता मांगी पर अम्बेडकर ने आरक्षण रूपी भीख माँगा.. आज आरक्षण ने इस देश का कबारा कर दिया और अम्बेडकर सिर्फ आरक्षण लाभार्थियों के हीरो बनके रह गए पर गांधी विश्व के हर कोने में सराहे गए।
अम्बेडकर ने शूद्रों को दलित बनाया, चमारों को हीनता से ग्रसित करवाया और BATA को ब्रांड बनने दिया पर गांधी ने शूद्रों को हरिजन बुलाया, सबको सफाई के लिए विशेसकर खुद का मैला खुद साफ़ करने के लिए प्रेरित किया।
हो सकता है कि गांधी और अम्बेडकर दोनों आने वाले वक़्त में ख़ारिज कर दिए जाए और हमे मायावती और रागा किताबों में मिले पर इतना तय है की अम्बेडकर के आरक्षण ने भले कुछ वंचितों का कल्याण किया हो पर इसने देश को बहुत पीछे धकेला और इसके कारण देश आज भी टूटता है।
रोहित बेमुल्ला जैसे दलितों को शिकायत होती है की उनसे भेदभाव होता है पर ऐसे निर्लज्ज भूल जाते है की सवर्णों के साथ भेदभाव करके ही वहां तक पहुंचे है। जो लोव खुद जाति प्रमाण पत्र दे के शिक्षा पाते हो, नौकरी और प्रमोशन पाते हो उनको कोई हक़ नहीं की वो जातीय भेदभाव पे बोले। एक बात और अगर अम्बेडकर के आरक्षण से वाक़ई फायदा हुआ है तो फिर आज आरक्षण की जरूरत खत्म होनी चाहिए थी पर न अब तो जाट, गुज्जर, पटेलों को भी आरक्षण चाहिए, वो क्या है की मुफ़्त की मलाई सब खोजते है।
जय भीम का नारा लगा सकते है पर जय चमार, जय दुसाध कहने में शरमाते है और फिर दोष ब्राह्मणों पे… हीनता का इलाज अम्बेडकर के पास नही बल्कि गांधी के पास ही मिलेगा ये कब समझेंगे हम?

Advertisements

Feedback Please :)

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

Blog at WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: