असहिष्णुता

#असहिष्णुता #जवाब-दो
अब तो खेतों में सिंचाई होके ही रहेगी, किसान को फसल चाहिए, सहिष्णुता के चक्कर में मुसों से यारी नहीं।

नोट- किसान बोले तो मोदी सरकार, सिंचाई बोले तो राष्ट्रवादी सोंच और फसल बोले तो देश की उन्नति, ऐसा तो बिलकुल भी न सोंचे… हाँ मूंस जो बिल से बाहर निकल रहे उनके लिए मुसहर हम फेसबुकियों को आप समझ सकते है।

तो पानी पटाये, फसल उगाय.

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3 thoughts on “असहिष्णुता

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  1. सनी भाई सही कहा आप ने….हम लोग अब परिवर्तन के मार्ग पर है और मार्ग में चूहे क्या कुत्ते और बिलिया भी मिलती है …
    सबको देख लगे

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