कौन असहिष्णु, कौन कर रहा भीतरघात?

पूर्व सैनिक जिनकी OROP मांग को पिछले 4 दशक से अनसुना किया जा रहा था वो आज उनकी मांगे मानी जाने के बाद भी आंदोलन कर रहे है, क्यों?
पिछले 1 साल में न कश्मीर से कोई भगाया गया है, न कोकराझार, मुजफ्फरनगर या भागलपुर में दंगा हुआ है, न गुजरात, दिल्ली न पंजाब अशांत हुआ है फिर भी बुद्धिजीवी अपने मेडल लौटा रहे आखिर क्यों?
2G, कोयला, सत्यम, आदर्श जैसे हज़ारों घोटाले झेलने वाला भारत आज मोदी से मुखर क्यों हो रहा है?
विश्व पटल पर ऐतिहासिक रूप से उभरते भारत को जो एक कद्दावर नेता मिला है तो देश के ही गिदर भीतरघात में क्यों लगे है?
सलमान खुर्शीद पाकिस्तान में जाकर वहां की सेना की तारीफ और हिंदुस्तानी सरकार पे सवाल क्यों उठाता है?
कांग्रेस विरोध से राजनीती की शुरुआत करने वाला लालू, नितीश, केजरी सब उसी की गोद में बैठ जाता है, क्यों?
भाजपा साम्प्रदायिक है कहके बकचोदी करनेवाले लोगों की पृष्टभूमि देशविरोधी क्यों होती है?
देश के एक बड़े वर्ग की आस्था का मजाक बनाते हुए लोग बेशर्म पार्टी करते है और फिर देश असहिष्णु है कहके नौटँकी, आखिर क्यों?
हिंदुस्तान में अभागों की कमी कभी नही थी पर आज इतनी तेजी से मुर्ख अभागों की संख्या बढ़ रही है, आखिर क्यों??
पहले दिल्ली को भरमाया फ्री-फ्री के लालच में, अपराधमुक्त-करप्शन मुक्त समाज देना था पर ससुरे सोमनाथ और तोमर पे केस होते ही लालू से मिल गए, आलम यह है की अब शीला भी स्वीकार्य है.. दिल्ली के बाद तो बिहार ने भी साबित कर दिया की ये अभी कुछ साल और अपना इतिहास ही गिनवायेंगे चुकी वर्तमान तो इनका गर्त में है… जातीय राजनीती में डूबे इस प्रदेश ने अबकी लगभग 58% आपराधिक पृष्ठभूमि के नेताओं को चुना है, आखिर चुनते भी क्यों न जब लालू ही सबसे बड़े चेहरा और राजद बड़ी पार्टी बनके लौटी है…
देश तो जी जीयेगा पर बेशर्मी का यह आलम मन खिंजाता है..आने वाले समय में अवार्ड वापसी, OROP, साम्प्रदायिकता, असहिष्णुता ही मुद्दे रहेंगे, करप्शन, सुरक्षा, जीडीपी, निवेश, तकनीक, निवेश, रोजगार ये सब तो फालतू की बाते है इस देश में….

खैर मोदी जी ब्रिटिशों के बिच है, गीता, बुद्ध और गांधी के सहारे दुनिया का विस्वास जितने में लगे है…और लोगों का समर्थन भी मिल रहा है..संतुस्ट हूँ की हमने सही प्रतिनिधि चुना है..बाकी आप सब भी सोंचियेगा

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One thought on “कौन असहिष्णु, कौन कर रहा भीतरघात?

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  1. सही टाइटल और सही विचार. आपकी उम्र के सभी अगर इतने परिपक्क्व विचार रखे और काम से काम विरोध तो करें तो असर जरूर होगा.

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