ख्वाब

IMG_0716ख्वाब,
जिससे मन की खूबसूरती झांकती,
जिसको नहीं जरूरतें बाँधती,
जिसपे किसी का न चलता है जोर,
जो अँधेरी रातों को भी कर दे भोर,
उसी ख्वाब का अब होना है हमको,
उसी ख्वाब को जीना है वर्षों।

ख्वाब,
जिसको शिकायत नहीं लम्हों से,
जिसमें सिफारिश नहीं औरों से,
जो हसरतों के है जहाज सजाता,
जो टूट कर फिर से है जीना सिखाता।
उसी ख्वाब का होना है हमको,
उसी ख्वाब में खोना है हमको।

wordleहाँ वही ख्वाब,
जिसपर न बस मेरा न तुम्हारा,
पर जिसमें हो जग सारा हमारा,
उसी ख्वाब में अब जीते है हम,
और उसी ख्वाब को अब मरते है हम।
हो एक हकीकत और वही ख्वाब हो,
ऐसी ही कोशिश अब हर बार हो।
© -सन्नी कुमार

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आज सच लिखता हूँ…

आज सच लिखता हूँ…

Life iz Amazing

guruक्या कहूँ और क्या लिखूँ,
आज अपनी कविता में..?

शब्दों में सिर्फ फूल लिखूँ,
या कांटो संग कहानी भी?
दिल के जो है जज्बात लिखूँ,
या झेल रही परेशानी भी?
जिंदगी के जश्न और जीत लिखूँ,
या चल रही मन में चिंताएं भी?

आज हिम्मत करता हूँ, सच लिखता हूँ,
अपनों में अपनी बाग़ रखता हूँ…

हूँ सीधा सरल एक नौजवान,
कामयाबी की ख्वाहिश रखता हूँ,
दिन भर भटकने के बाद,
मायूस होकर सोता हूँ..
अगली सुबह वापिस से,
सपने सच करने को लड़ता हूँ…

क्या कहूँ और क्या लिखूँ,
मजबूर मन के हालत पे,
आज हिम्मत करता हूँ, सच लिखता हूँ..

अपनों में अपनी उलझन रखता हूँ..

जान रहा ये मन है मेरा,
माँ समय आज मांग रही,
पर मुश्किल है बीबी मेरी,
जो साथ आज नहीं दे रही..
नहीं कर पाना इक्षानुसार,
बड़ा रोष बढाता है,
पर एक छोटी सी कोशिश भी,
बड़ा संतोष दिलाता है..

क्या कहूँ और क्या…

View original post 180 more words

कुछ यादों का है कर्ज

wpid-img_20150215_024107.jpgAccount of A Lover. Dedicated to all unlucky lovers who are living with memories..

कुछ यादों का है कर्ज,
कुछ वायदें उधार है,
कुछ  बेमेल हसरतें भी दर्ज,
कुछ खो गए ख्याल है,
कुछ लम्हों का लिखा हिसाब,
जहाँ हर लम्हा, बेहिसाब है।।

कुछ शर्तों का भी उल्लेख,
कुछ उम्मीदों के अवशेष,
कुछ मर्यादाओं के जिक्र,
कुछ कल को लेकर फिक्र,
कुछ सपनों का बुना जहाज,
जहाँ खुशियाँ अथाह है।।

कुछ प्यार के है पैगाम,
कुछ हो गए लम्हें बेलगाम,
कुछ तारीफों के फूल,
कुछ छोटी छोटी भूल,
कुछ भरोसे से होता भोर,
जहाँ उमंगें असीम है।

कुछ लालसाओं के चादर,
कुछ अलग अलग सी बात,
कुछ दायित्वों के बोध,
कुछ में औरों के भी बोझ,
कुछ अलग हो रही मंजिल,
जहाँ टूटे सब ख्वाब है|
-सन्नी कुमार

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Kuchh yadon ka hai karj,
kuchh vaydein udhar hai,
kuchh bemel hasratein bhi darj,
kuchh kho gaye khyaal hai,
kuchh lamhon ka likha hisaab,
jahan har lamhan behisaab hai….

kuchh sharton ka bhi ullekh,
kchh ummidon ke awshesh,
kuchh maryadaon ke jikra,
kuchh kal ko lekar phikra,
kuchh sapno ka buna jahaaj,
jahan khushiyan athaah hai…

kuchh pyar ke hai paigaam,
kuchh ho gaye lamhein belagaam,
kuchh tarifon ke phul,
kuchh chhoti chhoti bhool,
kuchh bharose se hota bhor,
Jahan khushiya athaah hai…

Kuchh laalsaon ke chaadar,
kuchh alag alag si baat,
kuchh dayitvon ke bodh,
kuchh mein auron ke bhi bojh,
kuchh alag ho rahi manjil,
jahan toote sab khwab hai.
-sunny kumar

आज फिर दिल उदास है

Joker's Diaryकुछ यादों का कर्ज है,
कुछ वायदें उधार है,
दिलबर के हिसाब को देखकर,
आज फिर दिल उदास है..
-सन्नी कुमार
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Kuchh yadon ka karj hai,
Kuchh waydein udhar hai,
Dilbar ke hisaab ko dekhkar,
Aaj phir dil udaas hai..

Delhi Restores Team U-Turn

Team MufflerMan is once again back in Delhi, so much noise this time, everyone is discussing how brilliantly they made a clean sweep in Delhi Election. Well last time he was fighting against sheila, he had made many allegatins against Sheila Dixit, Ambani, Vadra and many others famous personalities but when he took into power he did nothing and left Delhi, to chase Narendra Modi in Varanasi. And with Lok Sabha Defeat Mr. Kejriwal became Hero to Zero. He came back delhi make apologies and surprisingly Delhi Trusted him again, this time he was chosen againstKiran Bedi. Delhi believes he won’t take any U-Turn this time. Well, Mr. Mufflerman has made many of promises to Delhi through this post i am going to share his and his party members fastest U-Turns.

I will share more U-Turns and i strongly believe they will help this post with their frequent U-Turns. Stay in Touch and watch Team U-Turn.

मुफ्तखोर दिल्ली?

MufflerMan Promises
MufflerMan Promises

पिछले शर्दी भागा था जो,
उसी को है जितवाया फिर से,
दिल्ली की जनता बड़ी है न्यारी,
सस्ते को स्वीकारा उसने??

किसी को चाहिए थी दो बाल्टी पानी,
कोई था बिजली बिल से परेशांन,
कुछ दीवाने इन्टरनेट के थे,
और कुछ अवला सुरक्षा से परेशान.
सो चुन लिया है सबने मिलकर,
आम आदमी की सरकार.

अब लगेंगे १५ लाख कैमरे,
होगी कमांडो हर बस में तैनात,
सस्ती बिजली, सस्ता खाना,
जी हो गया देखो दिल्ली आसान.

Fastest U-Turn
Fastest U-Turn

देखो आप है कितनी जनप्रेमी,
बटला को फिर से उधेरेगी,
मोहन चन्द्र की शहादत को,
अब दिल्ली शक की नजरों से देखेगी.
मिला फतवों से जो वोट था,
अब उसका भी कर्ज उतरता देखेगी.

कुछ और नहीं बस जानना था इतना,
किस बात को ये जनादेश मिला,
क्या वाकई मोदी का काम नहीं,
या दिल्ली तू मुफ्तखोर हुआ??
-सन्नी कुमार

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Kejriwal’s Most Ambitious Promises During Election

  • Free 700 litres of water to every household
  • Electricity bills will be halved
  • 500 new schools, 20 new colleges
  • Free Wi-Fi throughout Delhi
  • 1500000 CCTV Cameras will be installed
  • To Legislate Swaraj Act
  • Full Statehood for Delhi
  • Delhi, A Solar City
  • Jan Lopal is parties priority

To get AAP manifesto you can click here.

It is impossible to execute every promises but if Kejriwal done half of his job, i would say he is different but the way their fastest U-Turn came from Mr. Sanjay Singh i doubt. Till then for me he is the same person who don’t know how to use broom, the escaper.

Delhi have MufflerMan. Cheers!!

[Note- Images are copied and adjectives like mufflerman is used for Shri Arvind Kejriwal, Saviour of Delhi. If it hurts someone, please let me know.  ]

फेंकू तो बस झूठा था

I congratulate Arvind Kejriwal and his intellectual team which has not just promised something nearer to impossible but also get succeed to capitalise vote on their 70 points agenda. Delhites, and other parties like CPI, TMC, JDU, RJD and may be congress have supported them, and it was something more than they expected. To AAAtards, You people are created history once again and I pray this time you won’t run away. Here is my observation on Delhi Election on base of talk with my friends, hope you get things in right way.

जब गया पूछने लोगों से,
क्यों बेदी को हरवाया है?
लगने कहे सब घेर के यार,
बेदी कहां, मोदी को हमने हराया है,
15 लाख नही है आये,
सो हमने यह जनादेश सुनाया है।

फिर कहने लगे,
फेंकू बस झूठी बातें करता है,
बस बाँटने की नियत रखता है,
काशी में करता वो गंगा आरती,
और नवराते में मेक इन इंडिया की शुरुआत,
आप कहो जी क्या नही यह सांप्रदायिक बात?

टीका वो खूब लगाता है,
पर टोपी से घबराता है,
फिर क्यों उम्मीद उसको हमसे,
की वो तो चादर भी नही चढ़ाता है?

छोडो जी ये सब है फसाद की बातें,
हम है एक अमन पसंद कौम,
अरविन्द हमारा, हम सा है,
सो हमको अब झाड़ू पसंद,
बेदीजी, भी ठीक ही थी,
पर ठहरे जी हम दिन(धर्म) के लोग,
इमाम की बातें मानी हमने,
सो बटन दबाया झाड़ू को।

स्वराज से हमको क्या मतलब जी,
बस हमको बटला का इन्साफ मिलें,
अरविन्द को टोपी पहनाया हैं,
बस अब उसको ईमान मिले।

हम गए जो समझाने मोदी प्रयास,
उनको कुछ भी समझ न आया,
कहने लगे मुस्लिम निर्दोष,
उनको अब केजरी से उम्मीद,
बटला की जाँच करायेगा,
वो सच्चा बेटा हिन्द का,
सबतक न्याय पहुंचाएगा।

समझ गए ताऊ को हम,
और अरविन्द से इनकी उम्मीदों को,
पर ये इनकी थी अभी आगे चलतेे है,
क्यूँ हारी बेदी औरों से भी जानतेे है।

अब मिले जिनसे वो मुलाजिम सरकारी,
पूछते ही टूट परे हम पर,
कहने लगे फेंकू है झुठा,
बस काम काम ही करता है,
भत्ता कुछ है बढ़ाया नही,
और समय से आने की नसीहत देता है,
जी वो ठहरा अम्बानी का मित्र,
पर हमें सब दफ्तर से ही मिलना है,
रोके रखा है तनख्वाहों की वृद्धि,
मर रहे है हम उसको नही जी एहसास है।

इनकी पीड़ा समझी हमने,
समझेंगे अब मोदी भी,
राष्ट्रहित की बात नहीं जी,
जरुरी है मक्कारी भी।

शाम को जब जी पार्क गया,
मिल गए कुछ क्रन्तिकारी युवा,
चुनाव का ही था जी बहस छिड़ा,
समझा रहे थे क्यों जीती आप।
गिनवा रहे थे केजरी की डिग्री,
और उनकी उपलब्धि तमाम,
कोई बोल रहा था भगोड़ा उसको,
सब समझाने लगे वो गलती थी,
फिर हमने उनकी उम्मीदों को,
कहे की अब 20 कॉलेज, 500 स्कूल,
और फ्री में wifi आएगा,
जी फेंकू तो बस झूठा था,
अरविन्द स्वराज को लाएगा।

समझ गए युवाओं की शक्ति,
इनको केजरी ने खूब संभाला था,
देश से बड़ा आपियों का बजट,
और इसमें सबको भरमाया था,

अभी पार्क से निकलने को थे,
भुजा वाले से भी थोड़ी गपशप हुयी,
भुजा उनका जी रोज सा था,
पर जी व्यवहार थोडा बदला था,
अरविन्द के जीत की ख़ुशी,
उनके ललाट पर छाया था।
पूछे भैया वोट दिया था,
तपाक बोले “जी झाड़ू को”
पूछे क्यों नही वोट बेदी को,
बेदी क्या देती जी आप कहो,
अरविन्द सस्ता भोजन पानी देगा,
गरीबों का है हमदर्द वो,
दिल्ली में स्वराज ला देगा।

समझ लिए इनकी भी हसरत,
केजरी ने इनको भी खूब लुभाया था,
मुफ़्त पानी की प्रीत में,
उसने दिल्ली को बहाया था।

लौट रहे थे घर को जब,
बस में कुछ लोग मिलें,
नियोजन से पक्की नौकरी का,
इनको भी है विस्वास मिला,
आप के मफलर मैन को,
सबसे है सम्मान मिला?

घर जब पहुंचे,
बहुत विचारा,
क्यों बेदी दिल्ली हारी है,
क्यों भगोड़ा केजरी जीता है,
क्या वाक़ई स्वराज आ जायेगी,
या फिर चापलूसों की सरकार बनेगी,
ख़त्म हो रहा कांग्रेस अब जब,
क्या आप उनका जनाधार संभालेगी?
समझ नही आता अब राजनीती,
न मुफ्तखोरी से राष्ट्रनीति,
कहीं जूसर, लैपटॉप बटता है,
दिल्ली ठहरी बड़ी विशेस,
यहाँ अलग अलग पॅकेज मिलता है।

खबरें बस केजरी के जीत की,
पर बेदी भी तो हारी थी,
सुना। उनसे अपनों को ही गुरेज़,
पर दिल्ली स्वक्ष छवि जी चाहती थी,
कल तक बेदी सी सबको बेटी थी चाहिए,
पर आज उसी को हराया था,
35 वर्षो के अनुभव को,
पानी के प्रीत में बहाया था?
-सन्नी कुमार

Neither AAP manifesto nor Delhites were caring for Lokpal this time, People just want peace, relaxed life and yes cheaper products, electricity, water n Wi-Fi for free.

अरविन्द स्वराज को लाएगा

image

कह रही दिल्ली या मुफ्तखोर जनता,
मोदी तो बस फेंकू था,
अरविन्द अब जाएगा,
सच्ची स्वराज को लाएगा।

पानी, बिजली, राशन सस्ता,
महिला कमांडो बस में बिठाएगा,
दिल्ली को जी शिक्षा की जरूरत,
वो 20 कॉलेज, 500 स्कूल नए बनवायेगा।

दिल्ली रहे सुरक्षित इस खातिर,
अरविन्द 15लाख कैमरे लगवाएगा,
सहयोग गर न मिला केंद्र से अगर,
वो दुबई से भी चन्दा मंगवायेगा।

फिर से कसम खायी है उसने,
इस बार नहीं वो भागेगा,
मोदी तो जी फेंकू था,
अरविन्द सच्ची स्वराज को लाएगा।

Clarification- I stand with our honorable PM shri Narendra Modi who is working hard and serving this nation as a mother. I support him in every possible way without any self interest. I congratulate Mr. Kejriwal for this historical win and prays for him and believe he will give his best and make Delhi a city of people instead buildings.

बड़ी खूब थी वो..

wpid-img_20150209_175820.jpgबड़ी खूब है वो,
जो मिली तो दो पल में जिन्दगी दे गयी,
जो बिछड़ी दो जिन्दगी दे गयी।।
————————————————–
कुछ पुराने दोहे..
तारीफों के हकदार वो जो हमसे दूर बैठे है,
शाम हुयी आज फिर जवां उनकी याद में,
जो हमसे रूठ बैठे है..
————————————
ढूंढ लाते हम उनको गर वो खो जाते,
पर बदले लोगों को ढूंढना नही आता..
————————————-
ग़म भी है और ख़ुशी भी,
पर वो साथ नहीं,
और वो हम नहीं..
————————————-
कहते है किसी के चले जाने से जिंदगी ख़त्म नहीं होती,
पर क्या साँसों का चलना भर ही जिंदगी है?
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वो लोग, जो कल तक हमारे लिये दुआएं करते थे,
वही आज तुम्हें भुलाने की सलाह देते है..
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हर ख्वाब पूरा नहीं होता,
पर ख्वाब में कुछ भी अधुरा नहीं होता..
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मिले फिर वही जो कल भी मिले थे,
पर मिलें इस कदर कि वो बिलकुल नए थे..
—————————————–
घुटता है दिल, कुछ कह भी नहीं पाता,
छोड़ गया मेरा कल, आज अब हंस भी नहीं पाता..
————————————————–
क्या हस्ती है तुम्हारी..
मुहब्बत हम कर नहीं सकते और नफरत तुम करने नहीं देती..
————————————————–
अब और नहीं तड़पाओ,
अब और न हमको सताओ,
मै दूर तुमसे चला जाऊं,
आखिरी बार तो मिलने आओ.
——————————————
-सन्नी कुमार

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