अन्ना हजारे जी को खुला पत्र

अन्ना हजारे जी,
सादर प्रणाम,
आप स्वस्थ्य है और एक बार फिर से हमारे लिए आन्दोलन करने जा रहे है इसके लिए आपका आभार और शुभकामनायें, उम्मीद है नयी सरकार खासकर मोदी जी आपको शिकायत का मौका नहीं देंगे और आपके प्रश्नों का, आपके विकल्पों का और आपको साथ लेकर चलने का संभव प्रयास करेंगे.
अन्ना जी हम और हमारे कुछ दोस्त, जो लोकपाल की लड़ाई में आपके साथ थे, और तब हम सब ने गाँधी टोपी पर ‘मै अन्ना हूँ’ लिख कर पूरी एनसीआर को जनलोकपाल की जरूरत को समझाया था किन्तु हम ही आज आपसे जानना चाहते है की जिस लोकपाल के लिए हमलोगों ने कांग्रेस के खिलाफ आन्दोलन किया था, उस लोकपाल का क्या हुआ? अगर लोकपाल आया तो उससे क्या क्या फायदे हुए और अगर नहीं आया, या आपके अनुरूप वाला नहीं आया तो क्यूँ नहीं हम उसी लोकपाल के लिए लड़े?
अभी आप भूमि अधिग्रहण के लिए आन्दोलन करने जा रहे है, क्या ये सही है जबकि आपका पिछला काम अधुरा है, या फिर पूरा होने के बावजूद भी असरदार नहीं? माफ़ कीजियेगा, मैंने लोकपाल को लेकर आये किसी परिवर्तन को अबतक नहीं देखा न ही उनलोगों के जीवन में कोई बदलाव आया जो आपके साथ आन्दोलन में तो थे पर राजनीती के लिए नही। हाँ, आपके मंच के केजरीवाल जी, बेदी जी, सिसोदिया, वीके सिंह सब के दिन अच्छे आ चुके है। अन्ना अगर आपका यह आन्दोलन कोई अगली पार्टी या फिर कुछ नए चेहरे देने जा रहा है तो बताये ताकि एक उद्देश्य विशेस के लिए हमलोग भी काम करे जैसे केजरीवाल, सिसोदिया, किरण बेदी ने किया. बहुत से युवाओं में चाहत है नेता बनने की, और अब तो जिस तरह से आप का आन्दोलन एक मंच बन रहा, लोगों को जेपी की याद भी आने लगी है.
अन्ना जी मेरा उद्देश्य आप पर कटाक्ष या आपका विरोध नहीं है, अपितु मेरे बाबूजी भी किसान है और हम जाती से भूमिहार है जो भू स्वामित्व के लिए ही जाने जाते रहे है, अगर आप हमारी जमीन सरकार से बचा रहे तो बिलकुल हम साथ है पर क्या आप हमें ये बतायेंगे की अगर लोग जमीन न देंगे तो इतने बड़े जन समूह का जरुरत पूरा कहाँ से होगा?
अन्ना जी अच्छा नहीं होता अगर आप जनसख्या वृद्धि को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते एक जागरूकता अभियान चलाते ताकि हमारी जरूरतों पर देर सबेर एक प्रभावकारी लगाम लगता, या फिर किसानों को मनोबल बढ़ाने के लिए, उनके जागरूकता का कोई कार्यक्रम चलाते? अगर बार आन्दोलन की ही करनी है तो आप एक बार आरक्षण पर बहस की जरुरत क्यूँ नहीं बताते, या फिर एक देश में अलग कानून की क्यूँ जरुरत पर क्यूँ नहीं बात करते?
अन्नाजी मुझे बड़ा जूनून था बदलाव का हिस्सा बनना पर चीजें बदली भी तो हमारे हिस्से नहीं आये उस बदलाव का मतलब हमें नहीं समझ आया, आप समझाए बुजुर्ग है बताएं की हम आपका साथ क्यूँ दे? भूमि अधिग्रहण से देश को आप कैसे फायदा दिलवाएंगे और जी बिलकुल आपके जनलोकपाल का क्या हुआ ये भी बताइयेगा.
पूछने को बहुत कुछ है पर आप या आपके सहयोगी तक मेरी बार पहुँच रही है तो बताइयेगा जरुर की आपका विरोध किस बात को लेकर होता है, और पिछली बार के आन्दोलन पर आपको क्या कहना है?

धन्यवाद
इश्वर आपको अच्छा स्वास्थ्य दे.
सन्नी कुमार
sunnymca.wordpress.com

[आप इस पोस्ट को शेयर करें और मेरी बात अन्ना जी तक पहुंचाए. शुक्रिया]

Advertisements

2 thoughts on “अन्ना हजारे जी को खुला पत्र

Add yours

  1. एक चेला को मुख्यमंत्री बनवा चुके हैं दुसरे का जुगाड़ कर रहे होंगे अन्ना ! एकदम लिखा है आपने

    1. ये किसानों की लड़ाई नही देश को रोकने की साजिश है। अन्ना को जिन लोगों ने घेरा हुआ है वो बड़े लोग है, जिनको बस लोकप्रियता चाहिए और विदेशी तमगों से लैश ये समाजसेवी देश को किस दिशा में ले जा रहे ये सोचनीय विषय है।

Feedback Please :)

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

Create a free website or blog at WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: