एक धुंधली तस्वीर बना रखी है

पुराने पन्ने, पुराने दिन,
एहसास वही, मन लागे न उसके बिन.

Life iz Amazing

एक धुंधली तस्वीर बना रखी  है,
उसी को दिल में बसा रखी है,
ख्वाब से हकीकत में उसे लाने को,
हर राह सजा रखी है।

उनको इन आँखों ने उनको न देखा है,
न इन कानो को उनकी मधुरता मालुम,
फिर भी इस दिल ने उनसे,
दोनों की पहचान करा रखी है।

न मालूम  मुझे उनकी अदाएं,
न झेले है अब तक कोई नखरे,
फिर भी ये दिल उनकी खुमारी के,
हसरतें सजा रखी है।

है वो हसीन सावन सी,
शबनम सी वो शीतल,
उसी नूर से  मिलने की,
अब आस लगा रखी है।

-सन्नी कुमार
[एक निवेदन- आपको हमारी रचना कैसी लगी कमेंट करके हमें सूचित करें. धन्यवाद।]

🙂 🙂 🙂 🙂 🙂

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5 thoughts on “एक धुंधली तस्वीर बना रखी है

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    1. आपकी हर कमेंट्स मुझे आगे भी लिखने के लिए बहुत समय तक प्रेरित करती रहेगी… ह्रदय से आभार 🙂

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