अब आनेवाले मौकों को पहचानों

My Secret Diaryदिनों बाद कल फिर कोई ,
ख्वाब आया था,
पहली बार अपना-सा कोई,
अजनबी आया था.
स्पष्ट सबकुछ मुझे याद नहीं हैं,
पर ओढ़े धूल का चादर,
और आँखों में सवालों का सैलाव लिए,
वो मुझसे मिलने आया था..

उसमें अपनापन की खुशबू तो थी,
पर उसका ‘बेरंग’ चेहरा था अंजान।
पूछा जब मैंने परिचय उससे,
बोल बैठी बेशरम “हूँ जिन्दगी तुम्हारी जान
झुंझला गया था सुनकर उसको,
जो उसका मतलब समझ ना आया था,
दिल ने रोक लिया मुझे बेहूदगी करने से,
शायद इसने उसके चहरे पर दर्द को भांपा था..

फिर पूछ लिया मैंने उससे उसके, बे-निमन्त्रण आने का कारण,
हो गुस्सा इस बार वो बोली,
“हर बार तुम्हीं क्यूँ पूछोगे, क्या औरों को यह अधिकार नहीं?”
दे देता उसके प्रश्नों का उत्तर,
कि ख्वाब मेरा और यहाँ तुम हो आयी,
सो इस लिहाज़ अधिकार गंवाई,
मै बोलूं उससे अपने मन की बात,
इससे पहले ही थी शुरू वो “जात”..

वो बोली “तो सुनों मैं क्यूँ तुम्हारे ख्वाब में आयी”

कभी अपने ख़ुशी के लम्हों को तुमने,
संग मेरे सजाया था,
विरह-विदाई की बेबसी को तुमने,
संग मेरे ही बांटा था,
पर ना जानें क्या गलती हुयी हमसे,
तुम मिलने भी अब नही आते हो,
कभी छुपाते थे हमको दुनिया से,
आज तुम ही हमसे छिपते हो.

दिन वो क्यूं जल्दी बीत गया,
जब तुम मुझको राज़दार बनाते थे,
हसरतों की हस्ताक्षर कह,
मुझसे लाड़ जताते थे.
खुश होती थी उस खेल में मैं,
जब औरों को तुम मुझ-खातिर तरसाते थे.

कभी तुमको भी होती थी शिकायत,
की अक्सर लोग बदल जाते है,
आज जो बदले हो तुम खुद को,
तो फिर क्यूं चुप्पी साधे हो?
मै तुम्हें गुज़रें लम्हों में,
और नहीं उलझाने आयी,
जो जाना था कभी मैंने तुमसे,
आज वही तुमसे दुहराने आयी.

मत दबाओ ज़ज्बातों को तुम,
ना ख्वाबों को बेड़ी डालों,
निकलो बाहर डर/गम के क़ैद से तुम,
अपने दायित्वों को पहचानों।
पूरे करो अधूरे ख्वाबों को,
या नए सपने सजा लो,
पर न करो मलाल उसपे जो बीत गया,
कि अब आनेवाले मौकों को पहचानों।।

-सन्नी कुमार
[एक निवेदन- आपको हमारी रचना कैसी लगी, कमेंट करके हमें सूचित करें. धन्यवाद।]

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18 thoughts on “अब आनेवाले मौकों को पहचानों

  1. Reblogged this on rishikumarba and commented:
    sir ap ki tu baat hi alg hai ??
    super sir
    ek din bahut aage jaoge sir
    apse milne ke liye hme line laagani padegi
    mai krishna se yhi prathana kronga ki sunnny sir hr mission succefull
    jai shri krishna

    • Bahut bahut dhanywaad Induji. Accha lagta hai jab aap jisko dekh kar seekhte hai wo aapki prashansha karte hai tab.. Dhanywaad. Bhagwan Shri Krishna aap par humesha sneh banaaye rakhein.

    • बहुत बहुत धन्यवाद आपका, आपसे सराहना पाना मेरे लिए विशेष महत्त्व रखता है..

  2. Pingback: अब आनेवाले मौकों को पहचानों | Kharauna(खरौना)

  3. Superb.. and source of inspiration..
    मत दबाओ ज़ज्बातों को तुम,
    ना ख्वाबों को बेड़ी डालों,
    निकलो बाहर डर/गम के क़ैद से तुम,
    अपने दायित्वों को पहचानों।
    पूरे करो अधूरे ख्वाबों को,
    या नए सपने सजा लो,
    पर न करो मलाल उसपे जो बीत गया,
    कि अब आनेवाले मौकों को पहचानों।।

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