वो रात..

wo raatदोस्तों, मुझे निरंतर पढने के लिए आपका शुक्रिया| मै अपने इस लेख में उस रात के बारे में जिक्र करने जा रहा हूं जिसके गुजरने का मुझे आज भी अफ़सोस है!! तब मेरी उम्र १५ वर्ष थी, दसवीं में पढता था और अपने रिश्तेदार के घर शादी में गया था| मैं लड़के वालो की ओर से था| हमारे यहाँ, शादी से पहले लड़के का तिलक होता है जिसमे लड़की वाले आते है, उसी रश्म में आयी एक लड़की (नाम मुझे अब तक नहीं पता) पे मै फ़िदा हो गया| जिस दिन तिलक का रश्म था, दुर्भाग्य से मेरी तबियत खराब थी तो मै इस आयोजन में शरीक नहीं हो पाया किन्तु मैंने उस लड़की को अपनी कमरे से खूब निहारा और मन में निश्चय भी कर लिया की बात आगे जरुर बढ़ाऊंगा, रश्म के दिन तो मै नहीं मिल पाया क्यूंकि मै जहाँ गया था वहां मेरे शुभचिंतक कुछ ऐसे थे जिन्होंने मुझे बाहर न निकलने की सलाह दे डाली और मै भी मन मसोस कर उनकी आज्ञा का पालन करता रहा| सच बताऊँ दोस्तों मै उसे देखकर बिलकुल ही भूल गया था कि मेरा शरीर बुखार से तप रहा है और मै बुरी तरह अस्वस्थ हूँ| मैंने उस आकर्षण से मिलने का पूरा मौका गँवा दिया था पर ख़ुशी इस बात कि थी कि मै शादी में उससे मिल पाऊंगा| दो दिन बाद शादी थी पर वक़्त लंबा लग रहा था| मैंने शादी में जाने के लिए अपने पिताजी से नए कपडे लिए ताकि इस बार मै भी उनपे अपनी छाप छोड़ पाऊं जिनके रंग में, रंग चूका था मैं| उस वक़्त स्थिती ऐसे थे कि मन में ख्यालो के फूल खिल रहे थे, हर शब्द जुबान से कविता बन के निकलती थी और मन में ढेरों विचार आ रहे थे| हर पल यही सोच रहा था कि उससे कहाँ मिलूँगा, कैसे मिलूँगा और मिलकर क्या कहूँगा| इन सब को सोच मुश्किल तो बढती थी पर खुश इस बात के लिए था कि अब हम जरुर मिलेंगे| “इन्तेजार का बादल हटा और उम्मीद के सूरज उग गए” ये शब्द मैंने उस दिन सुबह पहली बार जोरे थे क्युकि मै उस सुबह से एक उम्मीद लगाए बैठा था| शाम हुई हमलोग बारात के लिए निकले, बारात में हमने ढेरों मस्ती की, आज भी उस शादी की अगर चर्चे होते है तो लोग मेरे डांस को बेहतरीन बताते है और ये कहना नहीं भूलते की मैंने उनके बारात की रौनक बढाई थी| खैर आज तक मेरे उस ख़ुशी का राज वो नहीं जानते (काश जानते??)| मै उस रात अपने डांस में व्यस्त था और पता भी नहीं चला की कब लड़की का दरवाजा आ गया, जैसे ही मुझे एहसास हुआ मै भागा उसे देखने के लिए जिसके लिए मेरी आँखे पिछले दो दिन से उम्मीद लगाए हुए थी| दरवाजे पे देर से पहुँचाने की वजह से मुझे अगली पंक्ति में जगह नहीं मिल पाई किन्तु मै उन्हें आसानी से देख पा रहा था| उनका बेहतरीन चेहरा, वो हाथो में लड़के के स्वागत के लिए आरती का थाल लेकर मंच की ओर बढ़ना मुझे रोमांचित कर रहा था| जब तक वो मंडप पे थी मै कुछ भी नहीं सोच पा रहा था, बिलकुल स्तब्ध उन्हें निहार रहा था और निहारे जा रहा था|| कुछ ही पलों में वो मंच से चली गयी और लड़की वाले हमारे खाने का प्रबंध करने लगे| कुछ देर बाद खाना शुरू हुआ पर हमारी स्थिती ऐसी थी की हम कुछ खा नहीं पाए| खैर खाने के बाद विश्राम का हमारा व्यवस्था लड़की के घर से थोड़ी दुरी पर था, हम तो जाना नहीं चाहते थे पर हमारे फूफाजी का आदेश हुआ की मै लड़के के साथ रहूँगा और लड़का भी थोड़ी देर के लिए जलमासे(Vishraamalay) पे जा रहा है सो मुझे भी जाना होगा| खैर मै ये सोच खुश था की पूरी रात मै शादी के वक़्त मंडप पे रहूँगा तब मै उससे से बात कर लूँगा| जलमासे, पे जाते ही मै थोरा लेट गया और फिर उसकी ख्यालो में खो गया, मेरी आँख लगी ही थी की मेरे फूफाजी ने मुझे लड़कीवाले के यहाँ चलने के लिया कहा| हुमदोनो वहां से निकले तो मैंने उनसे दुल्हे के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे बताया की वो तो शादी कर रहा है, मैने तुरंत उनसे समय पूछा और जवाब था साढ़े पांच, यह सुनते ही मेरा दिल टूट गया मुझे खुदपे गुस्सा आने लगा क्यूंकि मुझे पता थी की मै उससे फिर कभी शायद ही मिल पाऊंगा, मै तुरंत वहां से लड़की वाले के यहाँ भागा और सीधे आँगन में गया जहाँ शादी हुई थी, वहां मैंने देखा की मेरी परी सो रही थी, तक़रीबन आधे घंटे तक मै उसे निहारता रहा| कुछ देर बाद उसे जगाया गया और वो जागते ही सीधे कमरे में चली गयी जहाँ से रोने की आवाजे आ रही थी, विदाई का वक़्त आ गया था लड़की, उनके घरवाले और मेरी परी सबलोग रो रहे थे, मेरे मन में हो रहा था की मै जा कर चुप कराऊ उसे पर मुझमे इतनी हिम्मत नहीं थी| कुछ ही पल में हमारे विदा होने का भी वक़्त आ गया, और हमारी विदाई में मै अकेला था जो रो रहा था जिसे आंसू तक नसीब न थे| परी से बिछड़ने के बाद मुझे कई दिनों तक किसी काम में मन नहीं लगा, और फिर बुद्धि बढ़ी और दिमाग दिल पे भारी पड़ने लगा| मै आज भी उस रात को, उसके इन्तेजार को नहीं भूल पाया हूँ|

Reblogged

Advertisements

Feedback Please :)

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

Blog at WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: